विंडोज के “इनवायरमेंट वैरिएबल”
विंडोज में “इनवायरमेंट वैरिएबल” हार्डडिस्क के विभिन्न स्थानों के पतों के उपनामों के तौर पर कार्य करते हैं। उदाहरण के लिए विंडोज़ एक्सपी में %APPDATA% का अर्थ है C:\Documents and Settings\{username}\Application Data और विंडोज ७ में C:\Users\{username}\AppData\Roaming
यहां विंडोज़ के इनवायरमेंट वैरिएबलों की सूची दी जा रही है। आशा करता हूं आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
Windows XP Environment Variables
| Environment Variable | Path |
| %ALLUSERSPROFILE% | C:\Documents and Settings\All Users |
| %APPDATA% | C:\Documents and Settings\{username}\Application Data |
| %COMMONPROGRAMFILES% | C:\Program Files\Common Files |
| %COMMONPROGRAMFILES(x86)% | C:\Program Files (x86)\Common Files |
| %COMSPEC% | C:\Windows\System32\cmd.exe |
| %HOMEDRIVE% | C: |
| %HOMEPATH% | C:\Documents and Settings\{username} |
| %PROGRAMFILES% | C:\Program Files |
| %PROGRAMFILES(X86)% | C:\Program Files (x86) (only in 64-bit version) |
| %SystemDrive% | C: |
| %SystemRoot% | C:\Windows |
| %TEMP% and %TMP% | C:\Documents and Settings\{username}\Local Settings\Temp |
| %USERPROFILE% | C:\Documents and Settings\{username} |
| %WINDIR% | C:\Windows |
Windows Vista and 7 Environment Variables
| Environment Variable | Path |
| %ALLUSERSPROFILE% | C:\ProgramData |
| %APPDATA% | C:\Users\{username}\AppData\Roaming |
| %COMMONPROGRAMFILES% | C:\Program Files\Common Files |
| %COMMONPROGRAMFILES(x86)% | C:\Program Files (x86)\Common Files |
| %COMSPEC% | C:\Windows\System32\cmd.exe |
| %HOMEDRIVE% | C: |
| %HOMEPATH% | C:\Users\{username} |
| %LOCALAPPDATA% | C:\Users\{username}\AppData\Local |
| %PROGRAMDATA% | C:\ProgramData |
| %PROGRAMFILES% | C:\Program Files |
| %PROGRAMFILES(X86)% | C:\Program Files (x86) (only in 64-bit version) |
| %PUBLIC% | C:\Users\Public |
| %SystemDrive% | C: |
| %SystemRoot% | C:\Windows |
| %TEMP% and %TMP% | C:\Users\{username}\AppData\Local\Temp |
| %USERPROFILE% | C:\Users\{username} |
| %WINDIR% | C:\Windows |
यदि आप इनका प्रयोग करके देखना चाहते हैं तो…
विंडोज के रन का डायलॉग बॉक्स खोलिए और उसमे लिखिए: %SystemDrive% अब इंटर दबा दीजिए:
अपने आप c:\ ड्राइव या जिसमें भी आपका विंडोज स्थापित किया गया है खुल जाएगी।
स्रोत:
http://www.askvg.com/list-of-environment-variables-in-windows-xp-vista-and-7/
विंडोज यूजर एकाउंट कंट्रोल (यूएसी) क्या है?
यूएसी क्या है?
यूजर एकाउंट कंट्रोल यानि कि यूएसी विंडोज का वह अंग है जो कि वायरसों, मालवेयरो तथा कम्प्यूटर पर होने वाले अनाधिकृत परिवर्तनों को रोकता है। यह अंग विंडोज की सुरक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। माइक्रोसॉफ्ट ने यूएसी को पहली बार विंडोज़ विस्टा के साथ निकाला और यह विंडोज़ ७ में भी मौजूद है।
यूएसी आपके कम्प्यूटर की रक्षा कैसे करता है?
सामान्य अवस्था में विंडोज में अनुप्रयोग बिना किन्ही प्रशासनिक अधिकारों (administrative privileges) के चलते हैं। अत: वे कम्प्यूटर में कोई महत्वपूर्ण बदलाव करने में अक्षम होते हैं। जब किसी अनुप्रयोग को कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन करना होता है तो यूएसी उसे रोक लेता है और आपसे अनुमति मांगता है। यदि आप उसे अनुमति दे देते हैं तभी वह प्रक्रिया आगे बढ़ती है। विंडोज में ऐसी व्यवस्था होने से वायरस इत्यादि कम्प्यूटर में आसानी से कोई बड़े परिवर्तन नही कर पाते हैं।

किन किन कार्यों में प्रशासनिक अधिकारों की आवश्यकता पड़ती है?
- किसी अनुप्रयोग को प्रशासक के तौर पर चलाने पर
- विंडोज़ एवं प्रोग्राम फाइल फोल्डर के भीतर कोई परिवर्तन करने पर
- कोई ड्राइवर या अनुप्रयोग स्थापित करने पर
- एक्टिव एक्स कंट्रोलों को स्थापित करने पर
- विंडोज़ फायरवाल का समायोजन करने पर
- यूएसी का समायोजन करने पर
- विंडोज़ अपडेट में कोई परिवर्तन करने पर
- उपयोगकर्ताओं के खाते जोड़ने या हटाने पर
- उपयोगकर्ता के खाते का प्रकार बदलने पर
- अभिभावकीय नियंत्रण (पैरेंटल कंट्रोल) में कोई परिवर्तन करने पर
- टास्क शेड्यूलर चलाने पर
- सिस्टम फाइलों के बैक अप को पुनर्स्थापित करने पर
- किसी अन्य उपयोगकर्ता के फोल्डरों एवं फाइलों को देखने पर
- कम्प्यूटर के दिनांक एवं समय में परिवर्तन करने पर
यूएसी के स्तरों का क्या मतलब है?
विंडोज विस्टा में यूएसी के लिए केवल दो विकल्प थे “चालू” और “बंद”। इसके विपरीत विंडोज ७ में यूएसी के चार स्तर उपलब्ध हैं। ये हैं:
१. आलवेज नोटिफाई (हमेशा सूचित करें) : जब जब आप स्वयं या कोई प्रोग्राम कम्प्यूटर में कोई ऐसे परिवर्तन करने की कोशिश करेगा जिसे करने के लिए “प्रशासनिक अधिकारों” की आवश्यकता पड़ती है तब तब आपको उसके विषय में सूचित किया जाएगा। यह सबसे अधिक सुरक्षित स्थिति है किन्तु यूएसी का डायलॉग बॉक्स बार बार आ जाने से परेशान कर देता है।
२. डिफाल्ट (सामान्य अवस्था) : जब जब कोई प्रोग्राम कम्प्यूटर में कोई ऐसे परिवर्तन करने की कोशिश करेगा जिसे करने के लिए “प्रशासनिक अधिकारों” की आवश्यकता पड़ती है तब तब आपको उसके विषय में सूचित किया जाएगा। किन्तु यदि ये परिवर्तन आप स्वयं करेंगे तो आपको सूचना नही दी जाएगी। यह तुलनात्मक रूप से कम सुरक्षित स्थिति है क्योंकि वायरस/प्रोग्राम माउस कीबोर्ड की नकली हलचलों को पैदा करके कोई बड़ा परिवर्तन कर सकते हैं। फिर भी यदि आपने कोई अच्छा एंटी वायरस रखा है तो चिंता की कोई बात नही है।
३. डू नॉट डिम माई डेस्कटॉप : यह विकल्प पिछले वाले विकल्प की तरह ही है पर इसमें आपकी डेस्कटॉप “मद्धिम” नही होती है। यह और भी कम सुरक्षित स्थिति है क्योंकि डेस्कटॉप के मद्धिम हो जाने पर अन्य प्रोग्राम माउस पर से नियंत्रण खो देते थे और केवल यूएसी का डायलॉग बॉक्स पर ही आप क्लिक कर सकते थे। इस स्थिति में कोई वायरस भी माउस प्वाइंटर पर नियंत्रण करके यूएसी के डॉयलाग से छेड़छाड़ कर सकता है।
४. नेवर नोटिफाई : यूएसी पूरी तरह से बंद हो जाता है। ऐसा करना कम्प्यूटर को असुरक्षित स्थिति में डालना है।
क्या आपको यूएसी बंद कर देना चाहिए? यदि नही तो उसका कौन सा स्तर रखना सही होगा?
नही। “सिरदर्द और सुरक्षा” दोनों के बीच संतुलन बनाते हुए मेरा मानना है कि यूएसी का द्वितीय स्तर (डिफाल्ट) रखना उचित है। विंडोज ७ में यह पहले से ही निर्धारित किया गया रहता है।
लिनक्स में एपीटी के जरिए करें पैकेजों का प्रबंधन
एपीटी उबुन्टू लिनक्स के साथ आने वाला एक कमांड लाइन आधारित औजार है जिसके जरिए पैकेजों का प्रबंधन किया जाता है। यदि आप उबुन्टू का सर्वर संस्करण चलाना चाह रहे हैं तो कमांड लाइन सीखना और भी जरूरी है क्योंकि उसमें ग्राफिकल यूजर इंटरफेस नही होता है। एपीटी का पूरा नाम एडवांस्ड पैकेजिंग टूल है।
किसी पैकेज को स्थापित करना
sudo apt-get install packagename
किसी पैकेज को पुन: स्थापित करना
sudo apt-get --reinstall install packagename
किसी पैकेज को हटाना
sudo apt-get remove packagename
किसी पैकेज को उसकी कांफिगरेशन फाइलों समेत हटाना
sudo apt-get --purge remove packagename
एक ही वितरण के अंदर पैकेजों को अपग्रेड करना
sudo apt-get upgrade
पूरे वितरण को ही नए संस्करण में अपग्रेड करना
sudo apt-get dist-upgrade
किसी पैकेज को खोजना
sudo apt-cache search packagename
किसी पैकेज के विषय में जानकारी प्राप्त करना
sudo apt-cache show packagename
जब आप पैकेजों को डाउनलोड करके स्थापित करते हैं तब उनकी फाइलें var/cache/apt/archives के कोष में जमा हो जाती हैं। धीरे-२ ये काफी जगह लेने लगती हैं। इन्हे हटाने के लिए निम्नलिखित आदेश दें:
sudo apt-get clean
अब इसके बाद यदि आप किसी पैकेज को पुन:स्थापित करेंगे तो उसे पुन:डाउनलोड करना पड़ेगा
एपीटी के बारे में और जानने के लिए निम्नलिखित कड़ियों को देख सकते हैं:
http://en.wikipedia.org/wiki/Advanced_Packaging_Tool
http://www.ubuntugeek.com/ubuntu-package-management-from-command-line-using-apt-advanced-packaging-tool.html
http://www.debian.org/doc/manuals/apt-howto/
उबुन्टू ११.०४ में होगी यूनिटी डेस्कटॉप
एक महत्वपूर्ण समाचार कैनॉनिकल की ओर से आ रहा है कि उबुन्टू के अगले संस्करण ११.०४ में जीनोम डेस्कटॉप वातावरण के स्थान पर यूनिटी डेस्कटॉप वातावरण होगा। यह घोषणा मार्क शटलवर्थ नें उबुन्टू डेवेलपरों के सम्मेलन में की।
यूनिटी डेस्कटॉप वातावरण, उबुन्टू के नेटबुक संस्करण में आता है। यह पहली बार होगा कि यूनिटी, उबुन्टू के डेस्कटॉप संस्करण में आएगा। उन्होनें यह भी कहा कि उबुन्टू एक जीनोम डेस्कटॉप है और यह तब भी रहेगा। कैनॉनिकल जीनोम अनुप्रयोगों को जारी रखेगा। फर्क मात्र इतना है कि यूनिटी जीनोम का एक दूसरा खोल है।
कम्प्यूटर और तकनीक की दुनिया के मजेदार तथ्य
१. माइक्रोसॉफ्ट की ये परंपरा रही है कि वह अपने किसी भी सॉफ्टवेयर को उसकी विकास की अवस्था में एक कोड नाम देता है। उदाहरण के लिए विंडोज़ विस्टा का कोड नाम लांग हार्न था और विंडोज़ ७ का कोड नाम विंडोज़ विएना था। सभी कोड नामों की सूची यहां देखें: http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Microsoft_codenames
२. क्या आप जानते हैं कि आप विंडोज़ में con नाम का फोल्डर नही बना सकते हैं।
३. दुनिया के पहले विंडोज़ वायरस का नाम विनवर १.४ (Winver 1.4) था।
४. एप्पल के बाद दुनिया के सबसे ज्यादा मैकिंटोश डेवेलपर माइक्रोसॉफ्ट की मैकिंटोश व्यापारिक इकाई में पाए जाते हैं।
५. माइक्रोसॉफ्ट साक्षात्कार में हमेंशा अजीबोगरीब प्रश्न पूछती है: माइक्रोसॉफ्ट साक्षात्कार के दौरान अजीबोगरीब प्रशन पूछने के लिए जानी जाती है। “आप अगले पांच वर्षों में अपने आप को कहां पाते हैं” जैसे सामान्य प्रश्नों के स्थान पर वो आपको कोई पहेली सुलझाने को कह सकते हैं या कुछ ऐसे प्रश्न पूछ सकते हैं जैसे “एक ऐसी काफी बनाने की मशीन डिजाइन कीजिए जिसे अंतरिक्ष यात्री इस्तेमाल कर सकें” या फिर “मैन होल का ढक्कन गोल क्यों होता है?”
६. माइक्रोसॉफ्ट के पास दस हजार से ज्यादा पेटेंट हैं।
७. लैरी पेज और सेर्गे ब्रिन नें अपने पेज रैंक कोड को जांचने के लिए अपना पहला सर्वर लीगो की गोटियों से बनाया था।
८. गूगल के पास अनुवादकों का दुनिया में सबसे बड़ा जाल है।
९. जीमेल लोगों के बीच सार्वजनिक उपयोग के पहले करीब दो वर्षों तक आंतरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है।
१०. गूगल प्रतिक्रियाओं को जरूर सुनता हैं। यदि आप गूगल को ईमेल करते हैं तो इसका मतलब यह नही है कि आप अपना ईमेल कुंए में डाल रहे हैं।
११. आपने ध्यान दिया होगा कि फेसबुक का रंग हमेशा से नीला ही रहा है मालूम है क्यों? क्योंकि फेसबुक के मालिक मार्क जकर्बर्ग वर्णान्ध हैं। वो केवल नीला रंग ही देख पाते हैं।
१२. फेसबुक पर जो मार्क जकरबर्क का पृष्ठ है उसमें उन्होंने अपनी जानकारी में अपनी शैक्षणिक योग्यता हार्वर्ड स्नातक लिखी है। जो कि सच नही है। मार्क नें हार्वर्ड तो बीच में ही छोड़ दिया था। एक पत्रकार से उन्होंने एक बातचीत में इस बारे में कहा था कि : हमारे पास ड्रॉप आउट लोगों के लिए सेटिंग नही है। “That’s true. We don’t have a setting for dropout.”
१३. फेसबुक अनुप्रयोगों(एप्लीकेशन) को विकसित करने में आठ लाख से ज्यादा डेवेलपर लगे हुए हैं।
१४. फोटोशॉप को सबसे पहले १९८७ में दो भाईयों थॉमस और जॉन नॉल के द्वारा विकसित किया गया था। थॉमस मोनोक्रोम डिस्प्ले में ग्रेस्केल छवि को दिखाने हेतु एक प्रोग्राम लिख रहे थे। उनके भाई को जब इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इसे एक पूरा का पूरा चित्र संपादन का सॉफ्टवेयर बनाने की अनुशंसा की। दोनो भाइयों नें मिलकर ImagePro नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जिसे बाद में एडोबी नें खरीद लिया और इसे अब हम फोटोशॉप के नाम से जानते हैं।
अब धुंधली तस्वीरें पुरानी बात हो जाएंगी
एडोबी ने हाल ही में अभी एक तकनीक जिसका नाम प्लेनोप्टिक रखा गया है का प्रदर्शन किया है। इस तकनीक में कैमरे के लिए एक विशेष प्रकार का लेंस है और चित्र साफ करने के लिए सॉफ्टवेयर। यह लेंस असल में सैंकड़ों लेंसों का समूह है जिससे खींची जाने वाली तस्वीरें धुंधली दिखाई देती हैं। किन्तु ये आम धुंधली तस्वीरें नही होती बल्कि छोटी छोटी ढेर सारी तस्वीरों का समूह होती हैं। इसके साथ आने वाला सॉफ्टवेयर सभी तस्वीरों को जरूरत के अनुसार जोड़कर एक पूरी तस्वीर का निर्माण कर देता है। कुल मिलाकर, यह एक तरह से किसी वस्तु की त्रिआयामी तस्वीर बनाने जैसा है।
सॉफ्टवेयर के जरिए आप तस्वीर के किसी भी हिस्से को फोकस करके साफ कर सकते हैं। यानि कि चाहें तो आगे की वस्तु को साफ करके देख सकते हैं या चाहे तो पृष्ठभूमि को साफ करके देख सकते हैं यह कुछ कुछ विज्ञान फंतासी जैसा लग सकता है किन्तु अब यह सत्य है। नीचे दिए गए चलचित्र से इस तकनीक को और अच्छे से समझा जा सकता है:
अभी यह तकनीक शुरुआती अवस्था में है। आगे चलकर बाजार में भी आएगी।
उबुन्टू से संबंधित प्रश्नों के उत्तर
हमारे एक पाठक नें कुछ प्रश्न पूछे हैं। मैंने सोचा कि उनके जवाब एक प्रविष्टि में ही क्यों न दे दिया जाए।
(१) क्या हम इस operting system मे internet का use कर सक्ते है तो कैसे ?
बिल्कुल! आपनें विंडोज़ में फायर फॉक्स का इस्तेमाल किया होगा। यही ब्राउज़र आपको उबुन्टू में भी पहले से स्थापित किया हुआ मिलेगा जिसके जरिए आप इंटरनेट का लुत्फ उठा सकते हैं। रही बात कनेक्शन की तो डायलअप/ब्रॉडबैंड दोनों का ही इस्तेमाल किया जा सकता है। मोबाइल से भी इंटरनेट जोड़ने की सुविधा आई है किन्तु मुझे अभी उसके संबंध में अच्छी जानकारी नही है क्योंकि मैं ब्रॉडबैंड वाला इंटरनेट प्रयोग में लाता हूं।
(२) MP3-movies के लिये कोई software भी install करना होगा ?
हां! एमपी थ्री इत्यादि संरूपों में कोई फाइल हो तो उसे चलाने के लिए “उबुन्टू रिस्ट्रिक्टेड एक्सट्रा” स्थापित करने होते हैं। इनके संबंध में आप यहां पढ़ सकते हैं: http://blogs.antarjaal.in/takneek/?p=524
(३) अगर हुम वूबी के जरिए उबुन्टू install करते है तो दुसरी हार्ड डाईव मै से data तो format नही हो जायेगा ?
वूबी है ही इसलिए कि आप हार्ड डिस्क को बिना फार्मेट किये उबुन्टू स्थापित कर सकें। इसलिए इस विषय में निश्चिंत रहें। उबुन्टू स्थापना हेतु यह प्रविष्टि पढ़ें: http://blogs.antarjaal.in/takneek/?p=522
(४) इसको download करना कुछ मुश्किल है इसकी cd कहां मिल सकती है? अगर आप बता सके तो सही होगा|
डाउनलोड करना बिल्कुल भी मुश्किल नही है। यहां से डाउनलोड करे: http://www.ubuntu.com/desktop/get-ubuntu/download
यदि आपके कनेक्शन की गति धीमी है और आप उबु्न्टू डाउनलोड नही कर पा रहे हैं तो उसकी सीडी को मंगाया भी जा सकता है। सीडी मंगाने के लिए यहां जाएं: https://shipit.ubuntu.com/
एरो स्नैप,पीक और शेक क्या हैं?
विंडोज़ ७ में विंडो को नियंत्रित करने के लिए तीन नए तरीके उपलब्ध कराए गए हैं। ये हैं, एरो स्नैप, एरो पीक और एरो शेक। आइए इनके बारे में क्रम से जानें:
एरो स्नैप: किसी विंडो को खींचकर स्क्रीन के ऊपर के किनारे में लेजाकर छोड़िए। विंडो पूरी स्क्रीन में छा जाएगी। फिर विंडो को पकड़कर नीचे खींचिए वह अपने पुराने आकार में आ जाएगी। इसी प्रकार यदि आप उसे दाहिनें या बाएं किनारे में लेजाकर छोड़ेंगे तो वह स्क्रीन के क्रमश दाहिनें या बाएं आधे हिस्से में फिट हो जाएगी। और जब आप उसे वापस खींचेंगे तो वह अपने पुराने स्वरूप में आ जाएगी।
एरो पीक: आपके टास्क बार के दाहिनीं दिशा में आखिर में एक खड़ा आयताकार बटन बना होता है। यदि आप इसपर माउस ऊपर रखते हैं तो सभी खुली हुई विंडो के आरपार दिखाई देने लगता है। यह प्रभाव एरो पीक कहलाता है। एरो पीक आपको अल्ट+टैब बटन दबाने पर भी दिखाई देगा। इस स्थिति में आपको चुनी हुई विंडो के अलावा अन्य विंडो पारदर्शी दिखाई देंगी।
एरो शेक: मान लीजिए कि आपने कई विंडो खोली हुई हैं। यदि आप किसी एक विंडो को पकड़कर हिलाएंगे तो उस विंडो को छोड़कर सभी अपनी न्यूनतम अवस्था में आकर टास्कबार में चली जाएंगी। पुन: हिलाने पर सभी अपनी पूर्व स्थिति में आ जाएंगी।
कम्प्यूटर को गर्म होने से बचाएं
कम्प्यूटर को सुरक्षित तापमान में चलाना बेहद आवश्यक है क्योंकि अधिक तापमान आपके कम्प्यूटर के पुर्जों का जीवनकाल कम कर सकता है और उन्हे खराब कर सकता है। एक और बात गर्म कम्प्यूटर अपेक्षाकृत ठंडे कम्प्यूटर की तुलना में धीमा चलता है इसलिए कम्प्यूटर को सुरक्षित तापमान में रखने से फायदे ही हैं।
आपके कम्प्यूटर का तापमान क्या होना चाहिए?
वैसे तो अलग अलग निर्माताओं द्वारा बनाए गए पुर्जों के सुरक्षित तापमान में भिन्नता होती है। एएमडी और इंटेल दोनों के हिसाब से प्रोसेसर का अधिकतम तापमान ८० डिग्री सेल्सियस के आसपास बैठता है। फिर भी आपके प्रोसेसर का तापमान ९५ डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नही होना चाहिए।
कम्प्यूटर होप के जालस्थल में विभिन्न प्रोसेसरों और उनके सुरक्षित तापमान की जानकारी दी गई है।
कम्प्यूटर का तापमान कैसे पता करें?
सामान्यत: आप अपने कम्प्यूटर का तापमान अपने BIOS में जाकर पता कर सकते हैं। किन्तु इसके लिए आपको कम्प्यूटर पुन: चालू करना होगा। इसलिए आप एचडब्लूमॉनीटर का प्रयोग कर सकते हैं। यह मुफ्त है और इसे यहां से डाउनलोड किया जा सकता है: http://www.cpuid.com/downloads/hwmonitor/1.16-32bit.zip
कम्प्यूटर को गर्मी से कैसे बचाएं?
आपने सुना होगा धूल कम्प्यूटर की दुश्मन है। ऐसा इसलिए क्योंकि धूल ऊष्मा की कुचालक होती है और आपके कम्प्यूटर के जिस पुर्जे पर अधिक धूल लगी होगी उससे ऊष्मा निकल नही पाएगी परिणामस्वरूप वह पुर्जा अधिक गर्म हो जाएगा। अर्थात कम्प्यूटर को गर्मी से बचाने के लिए जरूरी है कि बीच बीच में उसकी सफाई करते रहें।
कभी कभी सीपीयू में लगे पंखे काम करना बंद कर देते हैं। अब इसका कारण उनका स्वत: ही खराब होना हो सकता है या फिर धूल की वजह से उनका घूमना बंद हो जाता है। पंखे अंदर की गरमी को बाहर निकालते हैं, अत: जरूरी है कि वो ठीक तरह से कार्य करते रहें। बीच बीच में पंखों की भी जांच करते रहें और यदि कोई पंखा खराब हो जाए तो उसे तुरंत बदल दें।
आपका कम्प्यूटर किस जगह रखा है यह भी उसका तापमान निर्धारित करता है। यानि कि अपने कम्प्यूटर को किसी ऐसी जगह ना रखें जहां कोई आग वगैरह हो या धूप बहुत आती हो। इनसे भी गर्मी बढ़ सकती है।
कम्प्यूटर के तापमान को सही करने के लिए कभी कभार बायोस को भी नवीनीकृत करने की जरूरत पड़ सकती है। इसके लिए अपने मदरबोर्ड निर्माता के जालपृष्ठ में जानकारी खोजें।
* * *
इस लेख के लिए लाइफ हैकर की वेबसाइट से जानकारी प्राप्त हुई। मूल लेख अंग्रेजी में यहां है:
http://lifehacker.com/5570909/how-to-prevent-your-computer-from-overheating-and-why-its-important

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