Nov
21

रूस अपना राष्ट्रीय ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की दिशा में

अमरीकी तकनीक पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से रूस नें लिनक्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास करने वाला है। इस परियोजना करीब (150 मिलियन रूबल अर्थात 21,93,60,078 => करीब बाईस करोड़ रुपए) का खर्च आने का अनुमान है। अभी यह तो साफ नही है कि रूस पूरे ऑपरेटिंग सिस्टम को नीचे से ऊपर तक बनाएगा अथवा उबुन्टू जैसे किसी लोकप्रिय वितरण में ही जरूरी परिवर्तन करके इस्तेमाल करेगा।

रूस विंडोज़ का विकल्प बनाना चाहता है। इसका सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है। विंडोज़ आपकी जानकारी  के बगैर आपके कम्प्यूटर की जानकारी भेज सकता है जबकि लिनक्स में हम उसका स्रोत कोड देख सकते हैं और लिनक्स ऐसा नही करता है।

समाचार साभार : http://www.google.com/hostednews/afp/article/ALeqM5ghjg_tT6QzNQjXXT5HCKrIvCUMKQ?docId=CNG.649f81a02bcbfc0e7603d630f2ab1828.511

1 Comment to “रूस अपना राष्ट्रीय ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की दिशा में”

  • alok December 2, 2010 at 7:09 pm

    india also should to working on this process

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