आभासी डिस्कों से फाइलें कैसे निकालें
यदि आपने किसी डिस्क की छवि वाली फाइल (इमेज फाइल) बनाई है या आभासी मशीनों की डिस्क फाइलें हैं तो आवश्यकता पड़ने पर उनके भीतर की फाइलों को निकाला जा सकता है। इस प्रविष्टि में हम यही सीखेंगे।
स्टार्ट मेन्यू में क्लिक करें और फिर computer management खोजकर उसे खोलें।
इसमें एक्शन मेन्यू से अटैच वीएचडी में क्लिक करें। और अपनी आभासी डिस्क फाइल चुन लें।
ऐसा करते ही आपके “माई कम्प्यूटर” में एक और डिस्क दिखाई देने लगेगी और आप यहां से उसकी फाइलें खोल सकते हैं।
और जब आप इस आभासी डिस्क को हटाना चाहें पुन: कम्प्यूटर मैनेजमेंट खोलें। उस डिस्क में दाहिना क्लिक करके “डिटैच” में क्लिक करें।
ध्यान रहे कि ऐसा करते समय आप गलती से अपनी आभासी डिस्क वाली फाइल न गंवा दें।
डाउनलोड करें मुफ्त इंटरनेट सुरक्षा सुईट, आउटपोस्ट
हां हां! हमारे पास माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी एशेंशियल और कोमोडो इंटरनेट सिक्योरिटी के रूप में मुफ्त के सुरक्षा सुईट है। इसी कतार में अब एक नया नाम और जोड़ लीजिए, आउटपोस्ट इंटरनेट सुरक्षा सुईट का। इस सुरक्षा सुईट की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- एंटी स्पैम के साथ संपूर्ण सुरक्षा सुईट
- आउटपोस्ट सुरक्षा सुईट ७.०.४ पर आधारित नवीनतम तकनीक
- VB100 प्रमाणित एंटीवायरस
- व्यक्तिगत फायरवाल
- कम्प्यूटर को धीमा नही करता
- Windows 7, Vista, XP, 2000 तथा 32 और 64-bit को समर्थन
डाउनलोड की कड़ी है:
http://free.agnitum.com/download.php
ड्रॉप बॉक्स में पाएं ७६८ एमबी की अतिरिक्त जगह मुफ्त
पिछली बार मैंने आपको ड्रॉप बॉक्स में २५० मेगाबाइट की मुफ्त जगह बढ़ाने से संबंधित समाचार बताया था।
अभी हाल ही में ड्रॉप बॉक्स नें अपने उपयोगकर्ताओं के सामने ७६८ एमबी की अतिरिक्त किन्तु मुफ्त जगह देने का प्रस्ताव रखा है। बस इसके लिए आपको कुछ आसान चरण पूरे करने हैं। प्रत्येक चरण को पूरा करने पर १२८ मेगाबाइट की जगह मिल जाती है। आप सोच रहे होंगे कि कुछ भारी भरकम काम होगा। जी नही! आपको बस फेसबुक और ट्विटर से जुड़ने जैसे कुछ सरल कार्य करने हैं। अतिरिक्त जगह पाने के लिए ड्रॉप बॉक्स के जालस्थल में सत्रारंभ(लॉग इन) करें।
www.dropbox.com
एमडीबी टूल्स से लिनक्स में एक्सेस की फाइलों को खोलें
एक्सेस की एमडीबी फाइलों को लिनक्स में खोलने के लिए एक छोटा सा साफ्टवेयर आता है। इसका नाम है, एमडीबी टूल्स। अच्छी बात यह है कि इसमें एक जीयूआई भी है, जिसकी वजह से काम करना आसान हो जाता है।
इस अनुप्रयोग के जरिए हम एक्सेस फाइल की संरचना को ऑरेकल, एक्सेस, साइबेस, एमएस एसक्यूएल, पोस्टग्री एसक्यूएल, तथा माई एसक्यूएल में निर्यात कर सकते हैं। तथा आंकड़ों को अल्पविराम द्वारा अलग अलग किए गए शब्दों के रूप में पाठ्य फाइल के रूप में निर्यात कर सकते हैं।
इस अनुप्रयोग को उबुन्टू सॉफ्टवेयर केन्द्र से स्थापित किया जा सकता है
रूस अपना राष्ट्रीय ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने की दिशा में
अमरीकी तकनीक पर निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से रूस नें लिनक्स आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास करने वाला है। इस परियोजना करीब (150 मिलियन रूबल अर्थात 21,93,60,078 => करीब बाईस करोड़ रुपए) का खर्च आने का अनुमान है। अभी यह तो साफ नही है कि रूस पूरे ऑपरेटिंग सिस्टम को नीचे से ऊपर तक बनाएगा अथवा उबुन्टू जैसे किसी लोकप्रिय वितरण में ही जरूरी परिवर्तन करके इस्तेमाल करेगा।
रूस विंडोज़ का विकल्प बनाना चाहता है। इसका सबसे बड़ा कारण सुरक्षा है। विंडोज़ आपकी जानकारी के बगैर आपके कम्प्यूटर की जानकारी भेज सकता है जबकि लिनक्स में हम उसका स्रोत कोड देख सकते हैं और लिनक्स ऐसा नही करता है।
समाचार साभार : http://www.google.com/hostednews/afp/article/ALeqM5ghjg_tT6QzNQjXXT5HCKrIvCUMKQ?docId=CNG.649f81a02bcbfc0e7603d630f2ab1828.511
जेड बटरफ्लाई से फिल्में डाउनलोड करें
जेड बटरफ्लाई एक टोरंट क्लाइंट है। यानि कि जैसे अन्य टोरंट क्लाइंटों का काम टोरंटों को डाउनलोड करना होता है, उसी प्रकार जेड बटरफ्लाई भी करता है। लेकिन लेकिन लेकिन, खास बात यह है कि जेड बटरफ्लाई में एक फिल्मों का सर्च इंजन भी है। यानि कि इसके जरिए आप टोरंटों में से अपने पसंद की फिल्में (शीर्षक, प्रकार इत्यादि के अनुसार) खोज सकते हैं।
हां हां पता है, इसके खिलाफ पायरेसी के लिए प्रकरण दर्ज हो सकता है। किन्तु जेड बटरफ्लाई के निर्माताओं का कहना है कि उनके पास एक ढाल है और वह ये कि “हम केवल सर्च इंजन हैं, हम किसी फाइल को होस्ट नही करते हैं”।
जेड बटर फ्लाई को आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं: http://www.zbutterfly.com/
लिनक्स काफी तेज होने वाला है
लिनक्स तो पहले से ही तेज प्रचालन तंत्र(ऑपरेटिंग सिस्टम) है। और अभी हाल ही में विकसित किए जा रहे पैच(बोले तो ठेगरी) लगा दिए जाने के पश्चात् और भी तेज हो जाएगा। इसे लिनक्स कर्नल को विकसित करने वाले माइक गलब्रैथ नामक व्यक्ति ने बनाया है। और यह करीब २३३ पंक्तियों का कोड है।
पैच को लगाने से पूर्व
पैच को लगाने के पश्चात
यहां तक कि इस पैच को देखकर लिनुस टोरवाल्ड भी प्रभावित हुए बिना नही रहे। उन्होने कहा:
Yeah. And I have to say that I’m (very happily) surprised by just how small that patch really ends up being, and how it’s not intrusive or ugly either.
I’m also very happy with just what it does to interactive performance. Admittedly, my “testcase” is really trivial (reading email in a web-browser, scrolling around a bit, while doing a “make -j64″ on the kernel at the same time), but it’s a test-case that is very relevant for me. And it is a _huge_ improvement.
It’s an improvement for things like smooth scrolling around, but what I found more interesting was how it seems to really make web pages load a lot faster. Maybe it shouldn’t have been surprising, but I always associated that with network performance. But there’s clearly enough of a CPU load when loading a new web page that if you have a load average of 50+ at the same time, you _will_ be starved for CPU in the loading process, and probably won’t get all the http requests out quickly enough.
So I think this is firmly one of those “real improvement” patches. Good job. Group scheduling goes from “useful for some specific server loads” to “that’s a killer feature”.
अब जबकि लिनुस टोरवाल्ड भी इसे पसंद कर रहे हैं तो बस आगे आगे देखिए होता है क्या…
समाचार स्रोत : जीडीनेट http://www.zdnet.com/blog/hardware/the-linux-desktop-is-about-to-get-a-lot-faster/10372?tag=nl.e019
लिनक्स में एपीटी के जरिए करें पैकेजों का प्रबंधन
एपीटी उबुन्टू लिनक्स के साथ आने वाला एक कमांड लाइन आधारित औजार है जिसके जरिए पैकेजों का प्रबंधन किया जाता है। यदि आप उबुन्टू का सर्वर संस्करण चलाना चाह रहे हैं तो कमांड लाइन सीखना और भी जरूरी है क्योंकि उसमें ग्राफिकल यूजर इंटरफेस नही होता है। एपीटी का पूरा नाम एडवांस्ड पैकेजिंग टूल है।
किसी पैकेज को स्थापित करना
sudo apt-get install packagename
किसी पैकेज को पुन: स्थापित करना
sudo apt-get --reinstall install packagename
किसी पैकेज को हटाना
sudo apt-get remove packagename
किसी पैकेज को उसकी कांफिगरेशन फाइलों समेत हटाना
sudo apt-get --purge remove packagename
एक ही वितरण के अंदर पैकेजों को अपग्रेड करना
sudo apt-get upgrade
पूरे वितरण को ही नए संस्करण में अपग्रेड करना
sudo apt-get dist-upgrade
किसी पैकेज को खोजना
sudo apt-cache search packagename
किसी पैकेज के विषय में जानकारी प्राप्त करना
sudo apt-cache show packagename
जब आप पैकेजों को डाउनलोड करके स्थापित करते हैं तब उनकी फाइलें var/cache/apt/archives के कोष में जमा हो जाती हैं। धीरे-२ ये काफी जगह लेने लगती हैं। इन्हे हटाने के लिए निम्नलिखित आदेश दें:
sudo apt-get clean
अब इसके बाद यदि आप किसी पैकेज को पुन:स्थापित करेंगे तो उसे पुन:डाउनलोड करना पड़ेगा
एपीटी के बारे में और जानने के लिए निम्नलिखित कड़ियों को देख सकते हैं:
http://en.wikipedia.org/wiki/Advanced_Packaging_Tool
http://www.ubuntugeek.com/ubuntu-package-management-from-command-line-using-apt-advanced-packaging-tool.html
http://www.debian.org/doc/manuals/apt-howto/
ब्लू माइंड: विचारों के मानचित्र(माइंड मैप) को बनाने का जोरदार अनुप्रयोग
ब्लू माइंड, मन में आने वाले विचारों के मानचित्र को बनाकर उन्हे व्यवस्थित करने का एक मुफ्त अनुप्रयोग है। इन्हे अंग्रेजी में “माइंड मैपिंग सॉफ्टवेयर” भी कहते हैं। ब्लू माइंड की प्रमुख विशेषताएं:
१. एकदम साफ सुथरा इंटरफेस: ब्लू माइंड का इंटरफेस एकदम साफ सुथरा और सुंदर है।
२. फाइल का आकर: ब्लू माइंड की फाइल का आकार मात्र २५० किलो बाइट है। जी हां आपने ठीक पढ़ा, मात्र २५० किलोबाइट।
३. ब्लू माइंड को आप बिना स्थापित किए भी सीधे चला सकते हैं।
४. आप इसमें किसी विचार के साथ कोई चित्र या प्रतीक लगा सकते हैं किन्तु वह आपको बाहर की किसी फाइल से चुनना पड़ेगा। एक्स माइंड की तरह ब्लू माइंड में पहले से ये चिह्न उपलब्ध नही हैं।
ब्लू माइंड एक चीनी व्यक्ति द्वारा विकसित किया गया है। अत: इसका जाल स्थल चीनी भाषा में है। मैं यहां हिन्दी अनुवाद की कड़ी दे रहा हूं:
http://translate.google.com/translate?hl=en&sl=zh-CN&tl=hi&u=http%3A%2F%2Fwww.hyfree.net%2Fproduct%2Fblumind
http://www.hyfree.net/product/blumind
फायरफॉक्स ४, बैनशी और लिब्रे ऑफिस होंगे उबुन्टू ११.०४ में
उबुन्टू डेवेलपर सम्मेलन २०१० में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिनमें से एक प्रमुख, यूनिटी को मुख्य डेस्कटॉप वातावरण बनाना है। इसके अलावा उबुन्टू ११.०४ में फायरफॉक्स का चौथा संस्करण आएगा। रिद्म बॉक्स संगीत प्लेयर ११.०४ में मौजूद नही होगा। इसकी बजाए बैनशी संगीत प्लेयर होगा। इसी प्रकार उबुन्टू के अगले संस्करण में ओपेन ऑफिस नही होगा। इसकी बजाय ओपेन ऑफिस आधारित लिब्रे ऑफिस होगा। पहले क्रोमियम को मुख्य ब्राउज़र बनाने की बात चली किन्तु क्रोमियम में पर्याप्त भाषा समर्थन इत्यादि न होने के कारण उस विचार को त्याग दिया गया और फायरफॉक्स ४ का निर्णय लिया गया।


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