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अपने ब्राउज़र पुस्तकचिन्हों का बैकअप लें

लगभग सभी वेब ब्राउज़रों में अपनी पसंदीदा जालस्थलों को पुस्तकचिन्हित करने की व्यवस्था होती है। मान लीजिए कि यदि आपको कम्प्यूटर को फार्मेट करना पड़े तो? तो सारे पुस्तकचिन्ह भी समाप्त हो जाएंगे। आज हम यह जानेंगे कि कुछ प्रमुख वेब ब्राउज़रों में अपने पुस्तकचिन्हों का बैकअप कैसे लें।

१. फायरफॉक्स: फायरफॉक्स में पुस्तकचिन्हों का बैकअप लेने के लिए Bookmarks मेन्यू से Organize Bookmarks में जाएं।

फिर Import and Backup से Backup में क्लिक करें। और फाइल को अपनी पसंद की जगह में सहेज लें।

२. गूगल क्रोम: “पाने” वाले प्रतीक चिन्ह में क्लिक करें और Bookmark Manager में क्लिक करें।

अब Organize  मेन्यू से Export bookmarks… में क्लिक करें और बैकअप फाइल को अपनी पसंदीदा जगह में सहेज सकते हैं।

३. इंटरनेट एक्सप्लोरर: इंटरनेट एक्सप्लोरर में पुस्तकचिन्हों का बैक अप लेने के लिये File> Import and Export में क्लिक करें। आपके सामने एक विजार्ड खुल जाएगा। पहले चरण में आपको यह चुनना होता है कि आप चीजों को आयात करना चाहते हैं अथवा निर्यात? यहां हम Export to a File चुनेंगे। और नेक्स्ट बटन पर क्लिक कर देंगे।

अब आपको यह चुनने को कहा जाता है कि आप क्या निर्यात करना चाहते हैं। हम यहां Favorites चुनेंगे और नेक्स्ट में क्लिक करेंगे।

अब यह चुनेंगे कि किस फोल्डर को निर्यात करेंगे।

अब यह बताना होगा कि आप किस जगह् में बैक अप सहेजना चाहेंगे। ब्राउज़ बटन पर क्लिक करके उस जगह को चुनेंगे और फिनिश बटन पर क्लिक करके अपने पुस्तकचिन्ह सहेज लेंगे।

3 Comments to “अपने ब्राउज़र पुस्तकचिन्हों का बैकअप लें”

  • ePandit October 11, 2010 at 5:56 am

    बहुत अच्छी जानकारी। वैसे बार-बार विण्डोज़ फॉर्मेट होने से कई बार बुकमार्क्स का बैकअप लेना भूल जाता था और कई बार विण्डोज़ करप्ट होने से मौका ही नहीं मिला पाता था इसलिये मैं अपने मुख्य बुकमार्क डिलीशियस पर ही सेव करता हूँ।

    कृपया नोट करें कि “चिन्ह” नहीं “चिह्न” सही शब्द है। “चिन्ह” एक प्रचलित गलती है।

    चिह्न = च् + इ + ह् + न् + अ (व्याकरण अनुसार वर्ण विच्छेद)
    चिह्न = चि + ह + ् (हलन्त)+ न (टाइप कैसे करें)

    साथ ही नोट करें कि आपकी साइट पर कई जगह प्रयुक्त किया गया अन्तरजाल (या अंतरजाल) शब्द भी अशुद्ध है, सही शब्द अन्तर्जाल (या अंतर्जाल) है।

    इस तरह की आम तौर पर प्रचलित गलतियों के बारे में आप विकिपीडिया पर निम्न दो लेखों में देख सकते हैं।

    हिन्दी में सामान्य गलतियाँ

    वर्तनी परियोजना

    • अंकुर गुप्ता October 11, 2010 at 3:10 pm

      धन्यवाद श्रीश जी,
      अंतरजाल और अंतर्जाल पर मैंने एक बार अपने पुराने वाले चिट्ठे में पूछा था। तो वहां पर एक सज्जन नें बताया था कि अन्तरजाल सही है अत: मैंने अंतरजाल का उपयोग शुरू कर दिया। पहले अंतर्जाल ही प्रयोग करता था।
      http://ankurthoughts.blogspot.com/2010/03/blog-post_21.html

      चिन्ह और चिह्न वाली बात पर आगे से ध्यान रखूंगा।

  • ePandit October 11, 2010 at 6:00 am

    कृपया ऊपर की टिप्पणी में बाद वाले लिंक को सम्पादित कर सही कर लें। URL के शुरु में फालतू l लगने से गलत लिंक दिखा रहा है।

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