नई याहू मेल का बीटा जारी
याहू नें अपनी ईमेल सेवा याहू मेल के नए संस्करण का बीटा जारी कर दिया है। यदि आप नए इंटरफेस को आजमाना चाहते हैं तो features.mail.yahoo.com पृष्ठ पर जाएं। नई याहू मेल वर्तमान वाले की तुलना में दुगुनी तेज है। इंटरफेस के रंग रूप को तो इसमें सुधारा ही गया है इसके साथ ही त्वरित संदेश भेजने(इंस्टेंट मैसेजिंग), कौन मित्र आनलाइन हैं, संपर्क प्रबंधक इत्यादि को भी बेहतर बनाया गया है।
अब आप “Show Preview” या “Hide Preview” में क्लिक कर के आप प्रिव्यू पैन को दिखा छुपा सकते हैं। किसी आनलाइन मित्र के नाम पर दाहिना क्लिक करके उसे ईमेल अथवा त्वरित संदेश भी भेज सकते हैं। वर्तमान संस्करण में यदि आप किसी से “चैट” कर रहे हों तो वह एक अलग टैब में होती है। जबकि नए संस्करण में यह इंटरफेस से ऊपर एक विंडो के रूप में है।
एक और बड़ा अच्छा काम किया है याहू नें और वो ये के खोज बक्से का आकार बड़ा करके सबसे ऊपर लगा दिया है। इससे ईमेलों को खोजने में और आसानी हो जाएगी।
नई याहू मेल के विषय में पूरी जानकारी के लिए इस चलचित्र(वीडियो) पर गौर फरमाएं:
चीन ने दुनिया का सबसे तेज सुपर कम्प्यूटर बनाने का दावा किया
चीन का तियान्हे १ ए (आकाश गंगा) सुपर कम्प्यूटर २.५ हजार ट्रिलियन से ज्यादा गणनाएं करने में सक्षम है। इस तेज गति वाले कम्प्यूटर में ७००० से अधिक ग्राफिकल प्रोसेसर और १४००० इंटेल चिप लगी हुई हैं। चीन के इस सुपर कम्प्यूटर नें अमरीका के एक्सटी ५ जगुआर को पीछे छोड़ दिया है जिसकी गति 1.75 पेटा फ्लॉप है। इस कम्प्यूटर को सौ फ्रिज के आकार की आलमारियों में रखा गया है और इसका वजन १५५ टन से ज्यादा है।
समाचार स्रोत : बीबीसी http://www.bbc.co.uk/news/technology-11644252
सीक्लीनर ३ हाजिर है
सीक्लीनर का तीसरा संस्करण हाजिर हो गया है। नए सीक्लीनर में काफी कुछ नया है। पहला तो ये कि इसे जब आप इसे चालू करेंगे तो यह आपसे पूछेगा कि क्या आप अपनी कुकियों को स्कैन करना चाहेंगे ताकि सीक्लीनर चलाने के पश्चात आपको आपके ईमेल खातों से स्वत: सत्रांत(लाग आउट) होने से बचाया जा सके।
नया सीक्लीनर ६४ बिट की शुद्ध ईएक्सई (क्रियान्वयन योग्य फाइल) भी आ गई है।
एचटीएमएल ५ के डाटाबेसों की सफाई को और सुधारा गया है।
AVG AntiVirus 10.0, Audacity, LogMeIn Hamachi, BitTorrent तथा Windows Game Explorer का समर्थन जोड़ा गया है और Vuze के समर्थन को सुधारा गया है।
इंटरनेट एक्सप्लोरर ९ तथा क्रोम के समर्थन को और सुधारा गया है।
नए सी क्लीनर आ आइकान थोड़ा सा बदल गया है। ध्यान से देखने पर पता चलेगा।
६४ बिट के आपरेटिंग सिस्टमों के लिए लाग फाइलों के सफाई इत्यादि को सुधारा गया है।
टूल्स अनुभाग के अंतर्गत ड्राइव वाइपर को जोड़ा गया है। इसके जरिए हम किसी ड्राइव की खाली जगह या पूरा ड्राइव को अच्छे से मिटा सकते हैं।
%SystemDirectory%, %SystemDirectory32% तथा %SystemDirectory64% इनवायरमेंट वैरिएबलों को जोड़ा गया है।
“अच्छे से मिटाने” से तात्पर्य है: जब आप किसी फाइल को मिटाते हैं तो वह आपकी ड्राइव से नही मिटती है। उसका केवल नाम मिट जाता है। कुछ सॉफ्टवेयरों की मदद से उन फाइलों को पुन: प्राप्त भी किया जा सकता है। “अच्छे से मिटाने” से फाइलें पुन: प्राप्त नही की जा सकेंगी।
सीक्लीनर को आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं: http://www.filehippo.com/download_ccleaner/
सुपर ओएस कोष से उबुन्टू में पाएं ड्रॉप बॉक्स, गूगल धरती, लोटस सिंफनी, फ्लैश प्लेयर और बहुत कुछ
सुपर ओएस उबुन्टू आधारित लिनक्स वितरण है। और इसके कोष का आप उबुन्टू में भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके कोष में आपको ढेरों काम के सॉफ्टवेयर मिलेंगे जैसे:
Amazon MP3 Downloader,
Adobe AIR,
Adobe Flash,
Adobe Reader,
Boxee,
FrostWire,
Dropbox,
IBM Lotus Symphony (Office suite),
Google Chrome,
Google Desktop,
Google Earth,
GoogleCL,
Hulu Desktop,
Nero Linux,
Opera,
PeaZip,
Google Picasa,
Real Player,
Remastersys,
Skype,
SpiderOak,
TeamViewer,
TrueCrypt,
UCK,
VirtualBox (non-free)
इत्यादि
इस कोष को अपने लिनक्स से जोड़ने के लिए इस डेबियन पैकेज को डाउनलोड करके स्थापित कर लीजिए। यह पैकेज सारा काम स्वयं ही कर लेगा।
http://hacktolive.org/files/Super_OS_repo_0.3.2.deb
पैकेज स्थापना के पश्चात टर्मिनल में यह आदेश दीजिए: sudo apt-get update
अब सिनैप्टिक पैकेज प्रबंधक के द्वारा आप उपरोक्त पैकेजों को स्थापित कर पाएंगे।
मात्र १२ वर्ष के बालक नें फायरफॉक्स में बग खोज निकाला
एलेक्स मिलर नाम के एक १२ वर्ष के बालक नें मोजिल्ला फायरफाक्स में एक सुरक्षा छिद्र ढूंढ़ निकाला और उसके जरिए फायरफाक्स को क्रैश भी करा दिया। मोजिल्ला नें उसके इस कार्य के लिए उसे तीन हजार डॉलर(करीब एक लाख पैंतीस हजार रुपए) का ईनाम दिया है। मात्र बारह वर्ष की उम्र में सुरक्षा पर गंभीर रूप से शोध करना निश्चित तौर पर बड़ी बात है। किन्तु एलेक्स नें ये करके दिखाया है।
एलेक्स द्वारा सुरक्षा छिद्र ढूंढ़ते ही मोजिल्ला नें एक अद्यतन जारी करके उसे ठीक कर दिया है।
[सावधान] माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी एसेंशियल के भेष में वायरस
अंतर्जाल पर एक नया वायरस आ गया है जो कि माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी एसेंशियल की तरह दिखाई देता है। इसे तकनीकी तौर पर “Win32/FakePAV” नाम दिया गया है। दिखाई देने में इसनें एक एक से होशियार कम्प्यूटर उपयोगकर्ताओं को उल्लू बना दिया। यह नकली एंटीवायरस उपयोगकर्ता को यह सूचित करता है कि यह वायरस मिटानें में सक्षम नही है और वायरस मिटाने के लिए आपको कुछ अन्य औजार डाउनलोड करने होंगे। यह नकली एंटीवायरस आपको AntiSpySafeguard, Major Defense Kit, Peak Protection, Pest Detector और Red Cross जैसे प्रोग्रामों(या वायरसों) को डाउनलोड करने की सलाह देता है।
१. यह कम्प्यूटर में इस प्रकार परिवर्तन कर देता है जिससे कि यह कम्प्यूटर के आरंभ होते ही चालू हो जाए।
२. जब आप किसी प्रोग्राम को क्रियान्वित कराएंगे तो यह उसे रोक देगा और कहेगा कि इस प्रोग्राम में संक्रमण हो गया है।
३. आप चाहें तो इसकी विस्तृत जानकारी देख सकते हैं।
४. यदि आप apply changes अथवा clean computer बटन पर क्लिक करेंगे तो यह आपके सामने संक्रमण को ठीक करने का नाटक करेगा। इसके बाद आपको unable to clean threat का संदेश मिलेगा
५. इसमें scan online में क्लिक करने पर यह इंटरनेट से हल खोजने का नाटक करेगा और फिर आपके सामने कुछ एंटीवायरसों की सूची लाकर रख देगा
६. free install पर क्लिक करते ही वह प्रोग्राम डाउनलोड होकर स्थापना के लिए प्रस्तुत हो जाएगा
वायरसों के बारे में सावधानी ही सुरक्षा है की बात लागू होती है। यदि आपको माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी एसेंशियल डाउनलोड करना है तो उसे माइक्रोसॉफ्ट की आधिकारिक वेबसाइट से करें। यदि आपका कम्प्यूटर इस विषाणु से संक्रमित हो गया है तो उसे असली माइक्रोसॉफ्ट सिक्योरिटी एशेंशियल से स्कैन करें।
सूचना स्रोत: http://windowsteamblog.com/windows/b/windowssecurity/archive/2010/10/25/fake-microsoft-security-essentials-software-on-the-loose-don-t-be-fooled-by-it.aspx
उबुन्टू ११.०४ में होगी यूनिटी डेस्कटॉप
एक महत्वपूर्ण समाचार कैनॉनिकल की ओर से आ रहा है कि उबुन्टू के अगले संस्करण ११.०४ में जीनोम डेस्कटॉप वातावरण के स्थान पर यूनिटी डेस्कटॉप वातावरण होगा। यह घोषणा मार्क शटलवर्थ नें उबुन्टू डेवेलपरों के सम्मेलन में की।
यूनिटी डेस्कटॉप वातावरण, उबुन्टू के नेटबुक संस्करण में आता है। यह पहली बार होगा कि यूनिटी, उबुन्टू के डेस्कटॉप संस्करण में आएगा। उन्होनें यह भी कहा कि उबुन्टू एक जीनोम डेस्कटॉप है और यह तब भी रहेगा। कैनॉनिकल जीनोम अनुप्रयोगों को जारी रखेगा। फर्क मात्र इतना है कि यूनिटी जीनोम का एक दूसरा खोल है।
विंडोज़ से लिनक्स में दूरस्थ डेस्कटॉप का प्रयोग
यदि आप किसी विंडोज़ कम्प्यूटर में बैठे हों और आपको किसी लिनक्स कम्प्यूटर को दूर से नियंत्रित करना हो तो हमें दूरस्थ डेस्कटॉप (रिमोट डेस्कटॉप) का प्रयोग करना होगा। यदि विंडोज़ से विंडोज़ आधारित कम्प्यूटर को नियंत्रित करना हो तो यह काफी आसान होता है क्योंकि विंडोज़ में पहले से ही इसका सॉफ्टवेयर स्थापित रहता है।
१. लिनक्स में रिमोट डेस्कटॉप सक्षम करना।
सिस्टम > प्रिफरेंसेज़ > रिमोट डेस्कटॉप में जाएं।
यहां Allow other users to view your desktop तथा Allow other users to control your desktop दोनो को सक्षम कर दें। यदि चाहें तो सुरक्षा हेतु कूटशब्द निर्धारित कर सकते हैं। किन्तु यदि घर का कम्प्यूटर है तो शायद इसे निर्धारित करना आवश्यक नही होगा।
२. लेकिन विंडोज़ रिमोट डेस्कटॉप क्लाइंट को आप लिनक्स कम्प्यूटर के लिए इस्तेमाल नही कर सकते हैं। लिनक्स के लिए हमें वीएनसी व्यूअर की आवश्यकता होगी। इसे आप यहां से डाउनलोड कर सकते हैं:
http://www.realvnc.com/cgi-bin/download.cgi
यहां आपको वीएनसी सर्वर और वीएनसी क्लाइंट/व्यूअर दोनों ही मिलेंगे। हमें यहां केवल व्यूअर की आवश्यकता है। उसे डाउनलोड कर लें। और फिर चलाएं:
यहां अपनी लिनक्स मशीन का आईपी पता दें और ओके बटन पर क्लिक करें।
आप विंडोज़ मशीन से लिनक्स मशीन को नियंत्रित कर पाएंगे
कम्प्यूटर और तकनीक की दुनिया के मजेदार तथ्य
१. माइक्रोसॉफ्ट की ये परंपरा रही है कि वह अपने किसी भी सॉफ्टवेयर को उसकी विकास की अवस्था में एक कोड नाम देता है। उदाहरण के लिए विंडोज़ विस्टा का कोड नाम लांग हार्न था और विंडोज़ ७ का कोड नाम विंडोज़ विएना था। सभी कोड नामों की सूची यहां देखें: http://en.wikipedia.org/wiki/List_of_Microsoft_codenames
२. क्या आप जानते हैं कि आप विंडोज़ में con नाम का फोल्डर नही बना सकते हैं।
३. दुनिया के पहले विंडोज़ वायरस का नाम विनवर १.४ (Winver 1.4) था।
४. एप्पल के बाद दुनिया के सबसे ज्यादा मैकिंटोश डेवेलपर माइक्रोसॉफ्ट की मैकिंटोश व्यापारिक इकाई में पाए जाते हैं।
५. माइक्रोसॉफ्ट साक्षात्कार में हमेंशा अजीबोगरीब प्रश्न पूछती है: माइक्रोसॉफ्ट साक्षात्कार के दौरान अजीबोगरीब प्रशन पूछने के लिए जानी जाती है। “आप अगले पांच वर्षों में अपने आप को कहां पाते हैं” जैसे सामान्य प्रश्नों के स्थान पर वो आपको कोई पहेली सुलझाने को कह सकते हैं या कुछ ऐसे प्रश्न पूछ सकते हैं जैसे “एक ऐसी काफी बनाने की मशीन डिजाइन कीजिए जिसे अंतरिक्ष यात्री इस्तेमाल कर सकें” या फिर “मैन होल का ढक्कन गोल क्यों होता है?”
६. माइक्रोसॉफ्ट के पास दस हजार से ज्यादा पेटेंट हैं।
७. लैरी पेज और सेर्गे ब्रिन नें अपने पेज रैंक कोड को जांचने के लिए अपना पहला सर्वर लीगो की गोटियों से बनाया था।
८. गूगल के पास अनुवादकों का दुनिया में सबसे बड़ा जाल है।
९. जीमेल लोगों के बीच सार्वजनिक उपयोग के पहले करीब दो वर्षों तक आंतरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है।
१०. गूगल प्रतिक्रियाओं को जरूर सुनता हैं। यदि आप गूगल को ईमेल करते हैं तो इसका मतलब यह नही है कि आप अपना ईमेल कुंए में डाल रहे हैं।
११. आपने ध्यान दिया होगा कि फेसबुक का रंग हमेशा से नीला ही रहा है मालूम है क्यों? क्योंकि फेसबुक के मालिक मार्क जकर्बर्ग वर्णान्ध हैं। वो केवल नीला रंग ही देख पाते हैं।
१२. फेसबुक पर जो मार्क जकरबर्क का पृष्ठ है उसमें उन्होंने अपनी जानकारी में अपनी शैक्षणिक योग्यता हार्वर्ड स्नातक लिखी है। जो कि सच नही है। मार्क नें हार्वर्ड तो बीच में ही छोड़ दिया था। एक पत्रकार से उन्होंने एक बातचीत में इस बारे में कहा था कि : हमारे पास ड्रॉप आउट लोगों के लिए सेटिंग नही है। “That’s true. We don’t have a setting for dropout.”
१३. फेसबुक अनुप्रयोगों(एप्लीकेशन) को विकसित करने में आठ लाख से ज्यादा डेवेलपर लगे हुए हैं।
१४. फोटोशॉप को सबसे पहले १९८७ में दो भाईयों थॉमस और जॉन नॉल के द्वारा विकसित किया गया था। थॉमस मोनोक्रोम डिस्प्ले में ग्रेस्केल छवि को दिखाने हेतु एक प्रोग्राम लिख रहे थे। उनके भाई को जब इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इसे एक पूरा का पूरा चित्र संपादन का सॉफ्टवेयर बनाने की अनुशंसा की। दोनो भाइयों नें मिलकर ImagePro नामक एक सॉफ्टवेयर विकसित किया जिसे बाद में एडोबी नें खरीद लिया और इसे अब हम फोटोशॉप के नाम से जानते हैं।
उबुन्टु में चलता फिरता सजीव वालपेपर पायें
कितना सुन्दर हो यदि एक पूरी की पूरी आकाशगंगा आपकी डेस्कटॉप पर घूम रही हो| जी हाँ उबुन्टु में यह संभव है| आज मैं आपको यही बताने जा रहा हूँ|
यहाँ मैं यह मान कर चल रहा हूँ की आपने कोम्पिज़ सेटिंग मैनेजर पहले से स्थापित किया हुआ है| यदि नहीं किया है तो सिनैप्तिक पॅकेज मैनेजर से स्थापित कर लें|
सजीव वालपेपर के लिए टर्मिनल खोल कर निम्नलिखित आदेश दें
sudo add-apt-repository ppa:ilap/lwp
sudo apt-get update && sudo apt-get install compiz-plugins-livewallpapers
अब अपनी डेस्कटॉप में दाहिना क्लिक करके change desktop background में क्लिक करें
background टैब में add बटन पर क्लिक करें और फिर /usr/share/backgrounds फोल्डर में जाकर “Space_by_ilap.jpg” फाइल को वालपेपर हेतु चुन लें
अब System >> Preference >> CompizConfig Settings Manager में जाएँ |
अब श्रेणियों से Live Wallpaper में क्लिक करें| फिर Galaxy Live Wallpaper में क्लिक करें |
अब enable galaxy live wallpaper में क्लिक करें|
दाहिनी ओर में दिए गए कंट्रोलों से तारों का आकार प्रकार इत्यादि निर्धारित करें|
अब Windows + F4 कुंजी को दबाएँ | आपकी डेस्कटॉप सजीव हो उठेगी|
thanks to : http://www.omgubuntu.co.uk/2010/10/animated-galaxy-desktop-wallpaper-for-ubuntu/

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