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May
31

उबुन्टू में सॉफ्टवेयर/पैकेज प्रबंधन

आज हम लिनक्स में सॉफ्टवेयर स्थापना के विषय में चर्चा करेंगे । सबसे पहले ये जानना जरूरी है की सॉफ्टवेयर प्रबंधन के मामले में लिनक्स विन्डोज़ से किस प्रकार भिन्न है । विन्डोज़ में कोई भी सॉफ्टवेयर का सेटअप अपने भीतर मुख्य साफ्टवेयरों के साथ साथ सहायक साफ्टवेयरों अथवा अन्य सिस्टम फाइलों को भी समाये रहता है । किन्तु लिनक्स में प्रत्येक सॉफ्टवेयर एक पैकेज के रूप में होता है और उसे चलने के लिए जिन सहायक पैकेजों की आवश्यकता होती है उन्हें अलग से स्थापित करना होता है । लिनक्स में नॉटिलस फाइल प्रबंधक से लेकर फौन्ट तक सब पैकेजों के रूप में होते हैं।

एपीटी तथा डीपीकेजी

उबुन्टू में साफ्टवेयरों का प्रबंधन एपीटी तथा डीपीकेजी नामक दो औजारों के जरिए किया जाता है। डीपीकेजी केवल पैकेजों को जोड़ने अथवा हटाने का कार्य करता है वहीं एपीटी यह कार्य करने के अलावा कौन से पैकेज स्थापित हैं और कौन से सहायक पैकेज हैं जैसी बातों का भी हिसाब रखता है। एपीटी सहायक पैकेजों को स्थापित करने, सॉफ्टवेयरों को अद्यतित करने, पैकेजों में विरोधाभास खोजकर बताने जैसे कार्य भी करता है। इन सभी कार्यों को करने के लिए एपीटी सॉफ्टवेयर कोषों से जानकारी प्राप्त करता है।

सॉफ्टवेयर रिपोजिटरी / कोष

सॉफ्टवेयर रिपोजिटरी / कोष वह स्थान है जहाँ विभिन्न पैकेजों का भंडार उपलब्ध होता है । यह जगह अंतर्जाल में स्थित कोई स्थान अथवा आपकी सीडी रोम कहीं भी हो सकता है। आपकी उबुन्टू की सीडी भी एक सॉफ्टवेयर कोष है। विंडोज़ में किसी सॉफ्टवेयर को स्थापित करना हो तो उसे अंतर्जाल से डाउनलोड करना पड़ता है अथवा सीडी खरीदनी पड़ती है। लिनक्स में लगभग कोई भी सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर कोषों से ही स्थापित किए जाते हैं। और यह कार्य एपीटी करता है।

अब चूंकि लिनक्स के ज्यादातर सॉफ्टवेयर मुक्त स्रोत होते हैं अत: उबुन्टू के डेवेलपर उनका स्रोत कोड लेकर उन्हे इस प्रकार पुन: बनाते हैं कि वो उबुन्टू के साथ अच्छी तरह चल सकें। इन सॉफ्टवेयरों को उबुन्टू के आनलाइन सॉफ्टवेयर कोषों पर डाल दिया जाता है, जहां से उबुन्टू उपयोगकर्ता एपीटी जैसे किसी औजार के जरिए अपने कम्प्यूटर में स्थापित कर सकते हैं।

उबुन्टू के साथ यह शायद ही हो कि आप किसी साइट में जाकर कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें और उसे स्थापित करें। कभी कभी ऐसा भी होता है कि आप साइट में जाकर कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करके स्थापित करते हैं और वह सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर कोष में हो तो आपको एक सलाह का संदेश दिखाई देता है कि उक्त सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेयर कोष में भी उपलब्ध है और आपको उसका कोष वाला संस्करण ही स्थापित करना चाहिए।

उबुन्टू में पहले से ही कुछ सॉफ्टवेयर कोष जुड़े होते हैं जहां से सॉफ्टवेयर स्थापित किए जा सकते हैं।

कभी कभी आपको अपने पसंद का सॉफ्टवेयर उबुन्टू के कोषों में नही मिलता है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि वो सॉफ्टवेयर बहुत नया है और उबुन्टू के डेवेलपरों नें उसे अभी कोष में नही डाला है। ऐसे में आपको सॉफ्टवेयर डाउनलोड करके स्थापित कर लेना चाहिए। ऐसी स्थिति में आप सॉफ्टवेयरों को डेवलपर के पीपीए(पर्सनल पैकेज आर्काइव) के जरिए उसके स्वयं के कोष से भी प्राप्त कर सकते हैं (यदि वह उपलब्ध है)।

उबुन्टू के प्रमुख सॉफ्टवेयर कोष

कोष का नाम विवरण
Main (मेन) उबुन्टू को चलाने हेतु यह कोष बहुत आवश्यक है। इस कोष में उबुन्टू के क्रोड पैकेज उपलब्ध रहते हैं। ये वो पैकेज होते हैं जिनसे उबुन्टू को स्थापित किया जा सकता है। हालांकि कुछ ऐसे भी पैकेज होते हैं जिनकी शुरुआती सेटअप में जरूरत नही होती है। यह कैनॉनिकल द्वारा आधिकारिक रूप से समर्थित है।
Universe (यूनिवर्स) यूनिवर्स कोष के सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से उबुन्टू तथा डेबियन समुदाय के लोगों द्वारा बनाए तथा संभाले जाते हैं। इसमें ढेरों मुफ्त के सॉफ्टवेयर होते हैं। इनके अद्यतन निश्चित नही होते हैं क्योंकि ये कैनॉनिकल द्वारा समर्थित नही होते हैं।
Restricted (रेस्ट्रिक्टेड) कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर (जैसे कि प्रापराइटरी हार्डवेयर ड्राइवर) होते हैं जो कि मुक्त स्रोत नही हैं, परंतु कम्प्य़ूटर चलाने के लिए जरूरी हैं। ऐसे सॉफ्टवेयरों को इस कोष में रखा जाता है। इस कोष के सॉफ्टवेयरों को अद्यतित किया जाता है।
Multiverse(मल्टीवर्स) कुछ सॉफ्टवेयर प्रतिलिप्याधिकार अथवा कानून के द्वारा सुरक्षित होते हैं ऐसे सॉफ्टवेयर इस कोष में रखे जाते हैं। यहां पाए जाने वाले सॉफ्टवेयर उबुन्टू के मुफ्त सॉफ्टवेयर लाइसेंस अनुबंध से मेल नही खाते हैं। इन्हे कैनॉनिकल द्वारा समर्थन प्राप्त नही होता है और यह भी हो सकता है कि ये अद्यतित ना हों।
Updates (अपडेट्स) इसके अंतर्गत दो कोष होते हैं।

Security (सिक्यूरिटी) कोष जरूरी सुरक्षा अद्यतन प्रदान करता है तथा Upadates(अपडेट्स) कोष अनुसंशित अद्यतनों को प्रदान करता है।

एपीटी तथा डीपीकेजी

उबुन्टू में साफ्टवेयरों का प्रबंधन एपीटी तथा डीपीकेजी नामक दो औजारों के जरिए किया जाता है। डीपीकेजी केवल पैकेजों को जोड़ने अथवा हटाने का कार्य करता है वहीं एपीटी यह कार्य करने के अलावा कौन से पैकेज स्थापित हैं और कौन से सहायक पैकेज हैं जैसी बातों का भी हिसाब रखता है। एपीटी सहायक पैकेजों को स्थापित करने, सॉफ्टवेयरों को अद्यतित करने, पैकेजों में विरोधाभास खोजकर बताने जैसे कार्य भी करता है। इन सभी कार्यों को करने के लिए एपीटी सॉफ्टवेयर कोषों से जानकारी प्राप्त करता है।

एपीटी के जरिए पैकेज प्रबंधन

कार्य आदेश
सॉफ्टवेयर कोषों की सूची को अद्यतित करना: apt-get update
किसी पैकेज को खोजना apt-cache search <packagename>

उदाहरण: apt-cache search kubuntu

किसी पैकेज के संबंध में पूरी जानकारी देखना apt-cache show <packagename>

उदाहरण: apt-cache show kubuntu

किसी पैकेज को स्थापित करना apt-get install <packagename>

उदाहरण: apt-get install kubuntu-desktop

[इस आदेश के पहले sudo लगाना जरूरी है]

किसी पैकेज को हटाना apt-get autoremove <packagename>

उदाहरण: apt-get autoremove kubuntu-desktop

[इस आदेश के पहले sudo लगाना जरूरी है]

आपको इसमें हटाए जाने वाले पैकेजों की सूची दिखाई जाएगी जिनमें सहायक पैकेज भी होंगे, आपको Y/N दबाकर आखिरी आदेश देना होगा।

किसी पैकेज को पुन: स्थापित करना apt-get –reinstall install <packagename>

उदाहरण: apt-get –reinstall install kubuntu-desktop

[इस आदेश के पहले sudo लगाना जरूरी है]

सिनैप्टिक पॅकेज प्रबंधक

सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर Synaptic Package Manager

सिनैप्टिक को आप एपीटी का जी यू आई मान सकते हैं। आइए इसमें कार्य करने के विभिन्न तरीकों को जानें।

कार्य तरीका
सिनैप्टिक पैकेज प्रबंधक चालू करना System > Administration > Synaptic Package Manager
पैकेजों की सूची को अद्यतित करना ऊपर के टूलबार में एक “रिलोड” नाम का बटन होता है। उसमें क्लिक करें
पैकेजों को खोजना १. मुख्य टूलबार में क्विक सर्च नाम की जगह बनी होती है। इसमें शब्द लिखकर आप पैकेजों को खोज सकते हैं।

२. क्विक सर्च के बगल में एक सर्च नाम की बटन बनी होती है जिसमें क्लिक करके आप अधिक उन्नत तरीके से पैकेजों को खोज सकते हैं।

किसी पैकेज को स्थापित करना किसी पैकेज पर क्लिक करके फिर “mark for installation” पर क्लिक करके उसे स्थापना हेतु चिन्हित कीजिए। फिर एप्लाई बटन पर क्लिक कीजिए।
किसी पैकेज को हटाना किसी पैकेज पर क्लिक कीजिए फिर मेन्यू में “mark for removal” पर क्लिक करके उसे हटाने हेतु चिन्हित कीजिए। अब एप्लाई बटन पर क्लिक कीजि॥
किसी पैकेज को पुन: स्थापित करना किसी पैकेज पर क्लिक कीजिए फिर मेन्यू में “mark for reinstalltion” पर क्लिक कीजिए। अब एप्लाई बटन पर क्लिक कीजिए।

डीपीकेजी के जरिए पैकेज प्रबंधन

डिपीकेजी द्वारा किसी पैकेज को स्थापित करने तथा हटाने के लिए क्रमश: -i तथा -r विकल्पों का प्रयोग किया जाता है। जैसे:

sudo dpkg -i packagename.deb [स्थापना हेतु]
sudo dpkg -r packagename [हटाने हेतु]

कृपया ध्यान रखें कि एक बार डिपीकेजी के द्वारा पैकेज स्थापित हो जाने के पश्चात apt-get autoremove आदेश के द्वारा भी उसे हटाया जा सकता है।

पैकेज को स्थापित करते समय उसकी फाइल के पूरे नाम को लिखना होता है। किन्तु हटाते समय उसके संक्षिप्त नाम भर से काम चल जाता है। यह संक्षिप्त नाम सामान्यत: उस पैकेज फाइल के नाम का शुरुआती हिस्सा होता है।

पैकेज से संबंधित जानकारी देखना: किसी डेब फाइल की जानकारी देखने के लिए -I विकल्प का प्रयोग किया जाता है। जैसे:

dpkg -I packagename.deb

उबुन्टू में सॉफ्टवेयर कोष जोड़ना

उबुन्टू में आप केवल आधिकारिक कोषों का प्रयोग करने के लिए बाध्य नही हैं। आप चाहें तो अन्य कोषों को भी जोड़कर उनके सॉफ्टवेयर एपीटी के जरिए स्थापित कर सकते हैं। आइए देखते हैं कि किसी सॉफ्टवेयर कोष को कैसे जोड़ा जाए।

उदाहरण के लिए स्काइप के कोष को जोड़ने के लिए कुछ इस प्रकार आदेश देना होगा:

deb http://download.skype.com/linux/repos/debian/ stable non‐free

इस आदेश के पश्चात आपको पैकेजों की सूची पुन:लोड करनी होगी जिसके लिए

sudo apt-get update

आदेश का प्रयोग करना होगा।

दूसरा तरीका ये है कि आप System > Administration > Software Sources में जाएं। सॉफ्टवेयर सोर्सेज़ के डायलाग बाक्स में Other Software टैब में जाएं और Add बटन में क्लिक करें। अब ऊपर लिखी लाइन को Apt Line के आगे लिखकर Add Source बटन पर क्लिक कर दें।

जब आप क्लोज़ बटन पर क्लिक करके यह डायलाग बाक्स बंद कर रहे होंगे तो आपसे पैकेजों की सूची को पुन:लोड करने के लिए पूछा जाएगा। तब रिलोड बटन पर क्लिक कर दें।

जब भी आप ऊपर में से किसी भी तरीके का उपयोग करते हैं तब असल में होता ये है कि आपके द्वारा दिया गया कोष का पता /etc/apt/sources.list नामक फाइल में जुड़ जाता है। आप यह कार्य चाहें तो सीधे इस फाइल को खोलकर उसमें वह पता लिखकर भी कर सकते हैं।

कोष कुंजी / रिपॉजिटरी की को जोड़ना

कभी कभी कुछ कोष एक डिजिटल कुंजी के द्वारा हस्ताक्षरित रहते हैं। प्रोग्रामर ऐसा उनके पैकेजों की सुरक्षा के लिए करते हैं। प्रोग्रामर प्रत्येक पैकेज को एक गुप्त आईडी के द्वारा चिन्हित कर देता है जिसे केवल वह ही जानता है, जिसका सार्वजनिक हिस्सा उपयोगकर्ताओं को कम्प्यूटर पर स्थापित करने के लिए दे दिया जाता है।

यह कुंजी फाइल सॉफ्टवेयर प्रदाता की ही साइट पर उपलब्ध होती है। इसका एक्सटेंशन .asc अथवा .gpg हो सकता है। इसे आप अपने कम्प्यूटर पर डाउनलोड कर सकते हैं। ध्यान रखें कि कुंजी फाइल आप सही साइट से ही डाउनलोड करें।

कुंजी फाइल को जोड़ने के लिए निम्न लिखित आदेश दें:

sudo apt-key add keyfile.gpg

दूसरा तरीका : Software Source के डायलाग बाक्स में Authentication टैब में जाएं और फिर IMPORT KEY FILE बटन में क्लिक करके उस कुंजी फाइल को खोजकर आयात कर लें।

स्रोत कोड कंपाइल करके सॉफ्टवेयर स्थापित करना

लिनक्स के कुछ सॉफ्टवेयर बाइनरी रूप में ना आकर स्रोत कोड के रूप में आते हैं। ऐसी स्थिति में उन्हे कंपाइल करके स्थापित करना होता है। यदि आप किसी सॉफ्टवेयर को कंपाइल करके स्थापित करना चाहते हैं तो पहले सिनैप्टिक पैकेज मैनेजर अथवा एपीटी के जरिए build-essential नामक पैकेज स्थापित कर लीजिए। इसके साथ वो कई सॉफ्टवेयर भी स्थापित हो जाते हैं जिनका प्रयोग किसी पैकेज को कंपाइल करने में होता है।

पैकेज के स्रोत कोड को आर्काइव से निकालें फिर टर्मिनल के जरिए उसकी डायरेक्ट्री में जाकर निम्न लिखित आदेश दें:

./configure
make
sudo make install

१. ./configure यह आदेश एक स्क्रिप्ट को क्रियान्वित कर देता है जिसके जरिए यह जांच की जाती है कि इस सॉफ्टवेयर को स्थापित करने के लिए जरूरी सहायक पैकेज कम्प्यूटर में स्थापित हैं या नही।

२. make यह आदेश असल में कम्पाइल प्रक्रिया को शुरू करता है

३. sudo make install सॉफ्टवेयर के कम्पाइल हो जाने के पश्चात यह आदेश फाइलों को कम्प्यूटर की सही जगहों पर रखकर सॉफ्टवेयर को स्थापित कर देता है।

May
13

फेसबुक खाते की सुरक्षा हेतु उपाय

फेसबुक एक लोकप्रिय सामाजिक नेटवर्किंग की सेवा है। लोकप्रिय होने की वजह से हैकर लोगों के लिए हमला करने की पसंदीदा जगह भी है। यह भी संभव है कि कोई आपका पासवर्ड चुरा ले और आपकी जानकारी के बगैर आपके खाते का प्रयोग करते रहे। अत: फेसबुक एक सुरक्षा उपाय उपलब्ध कराता है जिसमें यदि कोई दूसरा व्यक्ति किसी अन्य कम्प्यूटर से आपका खाता खोलेगा तो उसकी सूचना आपको ईमेल से भेज दी जाएगी। आइये देखते हैं कि इस सुरक्षा उपाय का प्रयोग कैसे करें।

अपने फेसबुक खाते में सत्रारंभ करें।

ऊपर दाहिंने कोने में “खाता” मेन्यू पर क्लिक करें फिर “खाता समायोजन” विकल्प पर क्लिक करें।

Facebook Security Notification

थोड़ा नीचे देखने पर आपको “एकाउंट सिक्योरिटी” नाम का एक विकल्प दिखेगा। इसे क्लिक करें।

Facebook Security Notification

अब “Would you like to receive notifications for logins from new devices?” के जवाब में “हां” में क्लिक करें। फिर “सबमिट” बटन पर क्लिक करें।

अब एक बार सत्रांत करके पुन: सत्रारंभ करें। ऐसा करने पर आपसे मौजूदा कम्प्यूटर का पंजीकरण कराने हेतु पूछा जाएगा। आपको इस कम्प्यूटर का नाम भरना होगा। यदि यह कम्प्यूटर किसी सार्वजनिक उपयोग के लिए नही है तो आप

“Don’t ask me again from this computer” विकल्प चुन सकते हैं। ऐसा करने पर यह कम्प्यूटर सुरक्षित कम्प्यूटर के रूप में चिन्हित हो जाएगा। इसके पश्चात “सहेजें” बटन पर क्लिक करें।

Facebook Security

अब यदि किसी अन्य कम्प्यूटर से आपके फेसबुक खाते को खोला जाएगा तो आपको उसकी सूचना ईमेल से मिल जाएगी।

May
11

बिंग स्क्रीन सेवर डाउनलोड करें

बिंग स्क्रीन सेवर

माइक्रोसॉफ्ट नें हाल ही में विंडोज़ के लिए एक नया स्क्रीनसेवर जारी किया है। इस स्क्रीन सेवर में उन तस्वीरों का संग्रह है जो कि बिंग सर्च इंजन के मुख्य पृष्ठ की पृष्ठभूमि में इस्तेमाल की जाती हैं।

इसे विंडोज़ एक्सपी, विस्टा तथा विंडोज़ ७ तीनों में स्थापित किया जा सकता है।

डाउनलोड का पता है:

http://www.discoverbing.co.uk/download-centre/screensaver/

May
11

डायग्राम डिजाइनर से बनाएं प्रवाह संचित्र(फ्लो चार्ट)

Meesoft Diagram Designer

मीसॉफ्ट का डायग्राम डिजाइनर एक मुफ्त तथा मुक्त स्रोत अनुप्रयोग है जिसकी मदद से हम आसानी से प्रवाह संचित्र/फ्लो चार्ट बना सकते हैं। प्रवाह संचित्र बनाने के लिए इसमें पहले से ही कई आकार दिये गये हैं जिन्हे सीधे खींचकर पटकना ही होता है। इससे बनाए गए संचित्रों को  WMF, EMF, BMP, JPEG, PNG, MNG, ICO, GIF तथा PCX संरूपों में निर्यात भी कर सकते हैं और आयात भी कर सकते हैं । इसकी एक फाइल में एक से अधिक पृष्ठ सहेजे जा सकते हैं। वर्तनी जांचने की भी सुविधा है। आप चाहें तो अपने पृष्ठों के सीधे स्लाइड शो भी शुरू कर सकते हैं।

यह विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए काम का सॉफ्टवेयर  है। डाउनलोड हेतु यहां जाएं:

http://logicnet.dk/meesoft/DiagramDesigner/

May
8

उबुन्टू में ओपेन ऑफिस के स्थान पर ज़ोहो का प्रयोग करें

उबुन्टू १०.०४ में एक नया पैकेज है “ज़ोहो वेब सर्विसेज़” अर्थात “ज़ोहो वेब सेवाएं”| ये कुछ नही बल्कि ज़ोहो ऑफिस सुईट ही है लेकिन उबुन्टू के साथ जोड़ दिया गया है| ज़ोहो को गूगल डाक्स की बजाए इसलिए लगाया गया है क्योंकि इसे प्रयोग करने के लिए कोई पंजीकरण नही करना होता है|

स्थापना हेतु “अनुप्रयोग” मेन्यू से “उबुन्टू साफ्टवेयर केंद्र” में जाएं और “कार्यालय” श्रेणी में क्लिक करें| यहां आपको Zoho Webservice Presentation,  Zoho Webservice Spreadsheet, Zoho Webservice Word Processor पैकेज दिखाई देंगे| किसी भी एक पैकेज को स्थापित करने पर ये तीनों ही स्थापित हो जाते हैं|

स्थापना  के पश्चात् ये आपको अनुप्रयोग > कार्यालय मेन्य़ू में नजर आने लगेंगे| किसी भी ज़ोहो लिंक पर क्लिक करते ही वेब ब्राउज़र में वो अनुप्रयोग खुल जाता है|

किसी ऑफिस फाइल में दाहिंना क्लिक करते ही आपको ज़ोहो के साथ फाइल खोलने का विकल्प नजर आएगा| इसमें क्लिक करके आप सीधे ही वह दस्तावेज ज़ोहो ऑफिस सुईट में खोल सकते हैं|

Opening any file in Zoho from Nautilus

Zoho Web Services in Ubuntu

इस प्रकार हम देखते हैं कि हम चाहें तो उबुन्टू में ओपेन ऑफिस स्थान पर ज़ोहो का प्रयोग आसानी से कर सकते हैं|

May
8

अपनी डेस्कटॉप में आरएसएस फीड दिखाएं

फीडलिंग एक बहुत ही छोटा सा मुफ्त तथा मुक्त स्रोत अनुप्रयोग है जो कि चुने गए फीड पतों से नई प्रविष्टियां निकालकर उन्हे आपकी डेस्कटॉप में दिखाता है। कुछ इस तरह से:

आप किसी भी कड़ी को क्लिक करके अपने ब्राउज़र में उसे देख सकते हैं। यह अनुप्रयोग डाट नेट फ्रेमवर्क ३.५ तथा सी शार्प भाषा में लिखा गया है अत: इसे चलाने के लिए आपके कम्प्य़ूटर में डाट नेट फ्रेमवर्क ३.५ स्थापित होना जरूरी है।
कड़ियां:
डाटनेट फ्रेमवर्क ३.५ : http://tinyurl.com/msdotnetfx35
फीडलिंग: http://sourceforge.net/projects/feedling/

May
8

फ्री आडियो एडीटर से करें मुफ्त में ध्वनि संपादन

Free Audio Converter Freeware Download

फ्री आडियो एडीटर जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है मुफ्त का ध्वनि संपादक है। इसकी सहायता से हम ध्वनि फाइलों में मनचाहा फेरबदल कर सकते हैं, किसी वीडियो से ध्वनि अलग कर सकते हैं, विशेष प्रभाव डाल सकते हैं, किसी गाने को काटकर छोटा कर सकते हैं और रिंगटोन बना सकते है। यही नही आप इसके जरिए सीधे यूट्यूब के वीडियो डाउनलोड करके उन्हे किसी ध्वनि संरूप में परिवर्तित भी कर सकते हैं।

हां यह बात जरूर है कि इसमें अपनी फाइलें wav संरूप में ही सहेज सकते हैं। यदि आप एमपीथ्री के रूप में अपनी फाइल सहेजना चाहते हैं तो आपको इसका डीलक्स संस्करण खरीदना होगा। इसके अलावा एक साथ कई फाइलों के संरूप परिवर्तित करने के लिए भी डीलक्स संस्करण खरीदना होगा।

डाउनलोड हेतु कड़ी: http://www.free-audio-editor.com/download/index.htm

May
7

उबुन्टू में फौन्ट कैसे स्थापित करें

मुफ्त में खूबसूरत फौन्ट डाउनलोड करने के जालस्थल:

http://www.urbanfonts.com/

http://www.1001fonts.com/

http://www.fontfreak.com/

http://www.dafont.com/

http://simplythebest.net/fonts

फौन्ट स्थापित करने का तरीका क्रमांक १

“अनुप्रयोग” मेन्यू में क्लिक करके “उबुन्टू साफ्टवेयर केंद्र” खोलें |  यहां आपको “फौन्ट्स” का एक प्रतीक चिह्न दिखाई देगा|

Installing fonts in Ubuntu via software center

इस प्रतीक चिह्न पर क्लिक करने पर आपको विभिन्न फौन्ट पैकेजों की सूची कुछ इस प्रकार् दिखाई देगी| यहां आप् किसी भी पैकेज को चुनकर फौन्ट स्थापित कर सकते हैं|

Installing fonts in ubuntu 10.04 via Software Center

परिवर्तनों को प्रभावी बनाने के लिए एक बार सत्रांत करके पुन: सत्रारंभ करें|

फौन्ट स्थापित करने का तरीका क्रमांक २

“स्थान” मेन्यू में क्लिक करके घर फोल्डर खोलें|

छुपी हुई फाइलों एवम् फोल्डरों को देखने के लिए कंट्रोल कुंजी के साथ एच दबाएं|

अब आपको पहले की तुलना में अधिक फाइलें/फोल्डर दिखाई पड़ने लगेंगी| एक बार जांच लें कि कहीं कोई .fonts नाम का फोल्डर पहले से ही तो नही है| यदि है तो उसे खोलें और यदि नही है तो उसे बनाएं फिर खोलें| यहां आप अपने डाउनलोड किए गए फौन्ट रख सकते हैं|

Easily install fonts in Ubuntu

अपने डाउनलोड किए गए फौन्टों को यहां रखने के पश्चात एक बार सत्रांत करके पुन: सत्रारंभ करें| आपके फौन्ट स्थापित हो जाएंगे|

May
4

माईपेंट से लिनक्स/विंडोज़ में पेंटिंग करें

माई पेंट लिनक्स तथा विंडोज़ में चलने वाला एक पेंटिंग अनुप्रयोग है| इसमें ढेर सारे ब्रश हैं जिनकी मदत से आप मनचाहे चित्र बना सकते हैं| यदि आपके पास टेबलेट पेन हो तो क्या कहने| यह गिम्प या फोटोशाप जैसा तो नही है परंतु आप इसे मुफ्त का कोरल पेंटर जैसा मान सकते हैं|प

इसका कैनवास असीमित आकार का है यानि कि आपको चित्र के आकार के बारे में सोचने की जरूरत नही है| इसमें परतों में‌ काम किया जा सकता है तथा ब्रशों को भी संपादित किया जा सकता है| इसके फ्री होने की वजह से इसे कम मत आंकिएगा| कई लोगों ने इसके द्वारा खूबसूरत तस्वीरें बनाई हैं|

ऊपर दिये गए चित्रों से आप माई पेंट की ताकत का अंदाजा लगा सकते हैं|

माई पेंट की वेबसाइट में कई लेख व वीडियो हैं जिनकी मदत से आप ब्रशों का प्रयोग सीख सकते हैं|

उबुन्टू लिनक्स १०.०४ में‌ इसे उबुन्टू साफ्टवेयर केंद्र से स्थापित किया जा सकता है तथा विंडोज़ हेतु डाउनलोड इसकी वेबसाइट में उपलब्ध है|

विकी : http://wiki.mypaint.info/Main_Page

जालस्थल : http://mypaint.intilinux.com/

May
3

उबुन्टू १०.०४ में‌ नया क्या क्या

उबुन्टू के नवीनतम संस्करण १०.०४ में कई बड़े परिवर्तन किये गये हैं। उबुन्टू के लिए किए जा रहे प्रयासों को देखकर लगता है कि कैनानिकल उबुन्टू को मैक ओएस या विंडोज़ के समकक्ष बना देना चाहता है, यानि कि पूरी तरह से उपभोक्ता पर केंद्रित प्रचालन तंत्र।

उबुन्टू के पिछले संस्करणों में लम्बे समय से गिम्प अनुप्रयोग साथ में आता था। परंतु इस संस्करण के साथ यह नही आता। इसकी जगह फिल्म संपादन अनुप्रयोग पीटीवी को लाया गया है। इसके पीछे सोच यह है कि ज्यादातर लोग उन्नत ग्राफिक संपादन का कार्य नही करते हैं। तस्वीरों की थोड़े बहुत संपादन का कार्य उबुन्टू के साथ आने वाले एफ स्पॉट के जरिए किया जा सकता है। जबकि ज्यादातर लोगों को सामान्य फिल्म संपादन का कार्य करना ही पड़ जाता है, क्योंकि मोबाइल और कैमरे आजकल ज्यादातर लोगों के पास हैं।

Linux Video Editor

आजकल ज्यादातर लोग सामाजिक नेटवर्किंग सेवाओं का भरपूर इस्तेमाल कर रहे हैं, जैसे: ट्विटर, फेसबुक आदि। अत: उबुन्टू के निर्माताओं ने ग्विबर नामक सामाजिक अनुप्रयोग को शामिल किया है। इस अनुप्रयोग के जरिए आप एक से अधिक सामाजिक नेटवर्किंग सेवाओं से जुड़ सकते हैं और अपनी स्थिति उसी अनुप्रयोग से ही बता सकते हैं।

Gwibber Social Networking in Ubuntu

कैनानिकल की सेवा उबुन्टू वन के जरिए प्रत्येक उबुन्टू उपयोगकर्ता को दो गीगाबाइट की मुफ्त आनलाइन भंडारण जगह मिलती है। यदि आप विंडोज़ में ड्रॉप बॉक्स का प्रयोग कर चुके हैं तो आप इस सेवा को ड्रॉप बॉक्स की नकल मान सकते हैं। यदि आप और जगह चाहते हैं तो दस डॉलर प्रतिमाह की दर से आप पचास गीगाबाइट तक की जगह प्राप्त कर सकते हैं।

उबुन्टू वन के साथ ही उबुन्टू वन म्यूजिक स्टोर भी रिदमबाक्स संगीत प्लेयर के साथ आ गया है जहां से आप गाने खोज सकते हैं उनकी एक झलक सुन सकते हैं और पसंद आने पर खरीद सकते हैं|

Ubuntu One

एक और खास बात आपको इसमें मिलेगी और वो ये कि विंडो के न्यूनतम, अधिकतम और बंद बटन अब दांई ओर से बांई ओर खिसका दिये गये हैं। हो सकता है कि आपको इससे थोड़ी परेशानी हो। पर मुझे लगता है कि आपको इसकी आदत पड़ जाएगी। आप चाहें तो इसे पुरानी वाली स्थिति में भी पा सकते हैं। दाहिंने ऊपरी कोने की खाली जगह देखकर लगता है कि आने वाले संस्करणों में शायद यहां कुछ नई चीज़ें जोड़ी जाएं।

नए उबुन्टू की थीम पहले से सुंदर बनाई गई है और यह दो रंगों में उपलब्ध है। आईकानों के रंग को भी थोड़ा गहरा किया गया है।  और हां इस संस्करण के साथ ही उबुन्टू को एक नया खूबसूरत लोगो भी मिल गया है।

Ubuntu 10.04 LTS Logo

उबुन्टू १०.०४ एल टी एस संस्करण है यानि कि इसके लिए आपको डेस्कटॉप संस्करण पर तीन तथा सर्वर संस्करण  पर पांच वर्षों का समर्थन मिलेगा। आप उबुन्टू को यहां से डाउनलोड कर सकते हैं: http://www.ubuntu.com/