कैलेंडरों का इतिहास
आजकल अधिकतर देश ग्रेगोरियन कैलेंडर को अपना चुके हैं। किन्तु अब भी कई देश ऐसे हैं जो प्राचीन कैलेंडरों का उपयोग करते हैं। इतिहास में कई देशों नें कैलेंडर बदले। आइए उनके विषय में एक नजर देखें:
पदार्थों का घनत्व
एक घन मीटर (मी३) पानी का भार १००० किलोग्राम या एक टन होता है।
जिन पदार्थों का घनत्व पानी से कम होगा वो पानी में तैरेंगे और जिनका घनत्व पानी से अधिक होगा वो पानी में डूब जाएंगे।
हल्की धातुएं जैसे एल्यूमीनियम या टाइटेनियम इंजीनियरों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इनका उपयोग विमान इत्यादि को बनाने में किया जाता है। विमान के लिए यह आवश्यक है कि वह मजबूत हो और इतना हल्का भी हो कि आसानी उड़ सके।
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पदार्थों का घनत्व
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| पदार्थ | घनत्व (g/cm3) |
| द्रव | |
| 4 °C पर पानी | १.०००० |
| 20 °C पर पानी | ०.९९८ |
| गैसोलीन | ०.७० |
| पारा | १३.६ |
| दूध | १.०३ |
| ठोस | |
| मैग्नीशियम | १.७ |
| एल्यूमीनियम | २.७ |
| पीतल | ८.५५ |
| तांबा | ८.३-९.० |
| सोना | १९.३ |
| लोहा | ७.८ |
| जिंक | ७.१४ |
| स्टील | ८.०३ |
| लेड (सीसा) | ११.३ |
| प्लेटीनम | २१.४ |
| यूरेनियम | १८.७ |
| ऑस्मियम | २२.५ |
| 0 C पर बर्फ | ०.९२ |
| लकड़ी | ०.६७ |
| मानक ताप एवं दाब पर गैसें | |
| हवा | ०.००१२९३ |
| कार्बन डाई ऑक्साइड | ०.००१९७७ |
| कार्बन मोनो ऑक्साड | ०.००१२५ |
| हाइड्रोजन | ०.००००९ |
| हीलियम | ०.०००१७८ |
| नाइट्रोजन | ०.००१२५१ |
हिमखंडों में लगभग पूरी तरह से शुद्ध पानी होता है। और इनका घनत्व समुद्र के पानी से कम होता है इसीलिए ये समुद्र में तैरते रहते हैं।
कुछ महत्वपूर्ण उपजें
कुछ ऐसी भी महत्वपूर्ण फसलें हैं जिनका उपयोग भोजन के अलावा अन्य दूसरे कार्यों में किया जाता है। आइए इनके विषय में जानें: read more
शीर्ष की भोज्य फसलें
हर वर्ष दुनिया भर के लोग दो बिलियन टन से अधिक अनाज, ८८० मिलियन टन से अधिक सब्जियां और ५०० मिलियन टन से अधिक फल खा लेते हैं। ये आंकड़े रोम स्थित संयुक्त राष्ट्र के भोजन एवं कृषि संगठन (फूड एंड एग्रीकल्चर या एफ ए ओ) के हैं। एफ ए ओ का लक्ष्य पूरे विश्व के लोगों को अधिक भोजन उगाने और बेहतर आहार प्राप्त करने में सहायता करना है। read more
पृथ्वी की परतें
हमारी पृथ्वी कई परतों से बनी है। इसकी सबसे बाहरी परत(पर्पटी) सबसे पतली है, फिर मेंटल है और अंत में बाह्य और आंतरिक क्रोड हैं। बाह्य क्रोड़ संभवत: द्रव है और आंतरिक क्रोड ठोस है।
| क्र० | परत का नाम | गहराई (किलोमीटर में) |
| १ | आंतरिक क्रोड | ५,१२५-६,३७१ |
| २ | बाह्य क्रोड | २,८६५-५,१२५ |
| ३ | मेंटल | २१-२,८६५ |
| ४ | पर्पटी | २१ |
| ५ | समुद्र | ३ |
तारे क्यों चमकते हैं?
हमारे और आकाश के तारों के बीच पृथ्वी का वायुमंडल होता है। और जब प्रकाश वायुमंडल से होकर गुजरता है तो वह विरूपित हो जाता है। यह विरूपण लगातार बदलता रहता है। यही कारण है कि तारे चमकते हुए दिखाई देते हैं। जब इन्ही तारों को अंतरिक्ष से देखा जाता है (जहां वायुमंडल नही होता है) वहां ये बिल्कुल चमके हुए दिखाई नही देते हैं। यही कारण है कि हब्बल टेलिस्कोप इत्यादि तारों की अधिक अच्छी तस्वीरे लाने में सक्षम हो पाती हैं।
एक वर्ष में पूरा ब्रह्मांड
अमरीकी खगोलशास्त्री कार्ल सेगर (१९३४-९६) ने पहली बार सुझाव दिया था कि एक “कॉस्मिक कैलेंडर” बनाया जाए ताकि लोग ब्रह्मांड के इतिहास को बेहतर तरीके से समझ सकें। आकाशगंगाओं के बनने के ९ माह फिर पृथ्वी के सितम्बर माह में पैदा होने इत्यादि को उन्होंने कैलेंडर में व्यवस्थित किया। मानव सभ्यता का इतिहास उन्होंने कैलेंडर के अंतिम दिन के अंतिम पांच मिनटों में व्यवस्थित किया।
| दिनांक |
घटना |
| १ जनवरी (मध्य रात्रि) | बिग बैंग – ब्रह्मांड की उत्पत्ति |
| १५ मार्च | तारे और आकाश गंगाएं बनी |
| १ मई | हमारी आकाश गंगा (मिल्की वे) का उदय हुआ |
| ८ सितम्बर | सूर्य की उत्पत्ति |
| ९ सितम्बर | सौर मंडल की उत्पत्ति |
| १२ सितम्बर | पृथ्वी की उत्पत्ति |
| १३ सितम्बर | चंद्रमा की उत्पत्ति |
| २० सितम्बर | पृथ्वी के वायुमंडल का निर्माण |
| १ अक्टूबर | पृथ्वी पर जीवन की सबसे प्रारंभिक अवस्था |
| ७ अक्टूबर | अब तक मिले सबसे पुराने जीवश्म |
| १८ दिसम्बर | बहुकोशकीय जीवों की उत्पत्ति |
| १९ दिसम्बर | मछली की उत्पत्ति |
| २१ दिसम्बर | पौधों तथा कीटों की उत्पत्ति |
| २३ दिसम्बर | सरीसृपों की उत्पत्ति |
| २४ दिसम्बर | डायनोसोरों का जन्म |
| २६ दिसम्बर | स्तनधारियों की उत्पत्ति |
| २७ दिसम्बर | पक्षियों की उत्पत्ति |
| २८ दिसम्बर | फूल वाले पौधों का जन्म |
| २८ दिसम्बर | डायनोसोरों का विलुप्त होना |
| ३१ दिसम्बर (११:५५ पूर्वाह्न पर) | होमोसेपियन (आधुनिक मानव) का जन्म |
| घंटे:मिनट:सेकेन्ड/सेकेन्ड का अंश | घटना |
| ११:५९:५०.४८७ अपराह्न | पिरामिडों का निर्माण (२५२० ई०पू०) |
| ११:५९:५५.३३३ अपराह्न | चीन की दीवार का निर्माण (२१५ ई०पू०) |
| ११:५९:५६.७८५ अपराह्न | रोमन साम्राज्य का पतन (४७६ ईस्वी सन्) |
| ११:५९;५८.०२६ अपराह्न | हेस्टिंग का युद्ध (सन १०६६) |
| ११:५९;५८.९२१ अपराह्न | कोलम्बस अमेरिका पहुंचा (सन् १४९३) |
| ११:५९;५८.१२८ अपराह्न | शेक्सपियर नें अपना पहला नाटक लिखा ( सन् १५८८-९०) |
| ११:५९;५९.८७४ अपराह्न | द्वितीय विश्वयुद्ध समाप्त हुआ (सन् १९४५) |
| ११:५९;५९.८९१ अपराह्न | एवरेस्ट पर पर्वतारोहण किया गया (सन् १५५३) |
| ११:५९;५९.९२४ अपराह्न | चन्द्रमा पर मनुष्य पहुंचा (सन् १९६९) |
| मध्यरात्रि | वर्तमान समय |
एक दिन में पृथ्वी अपने अक्ष पर पूरी घूम जाती है। इस बीच…
- ३,५८,५२२ लोग पैदा होते हैं
- १,५५,०१२ लोग मरते हैं
- २,०३,५१० लोग विश्व की जनसंख्या में जुड़ जाते हैं











